एक्सप्लोरर

Chaitra Navratri 2022: मां चंडिका को बागेश्वर की नगरदेवी का प्राप्त है दर्जा, जानें क्या है मान्यता

Chandika Temple: भीलेश्वर पहाड़ी पर स्थित माता चंडिका को बागेश्वर की नगरदेवी का दर्जा प्राप्त है. माता चंडिका को चंद शासकों के कुल पुरोहित पांडेय वंशजों ने चंपावत से यहां लाकर स्थापित किया था.

Uttarakhand News: भीलेश्वर पहाड़ी (Bhuleshwar) पर स्थित माता चंडिका (Chandika Mandir) को बागेश्वर (Bageshwar) की नगरदेवी का दर्जा प्राप्त है. माता चंडिका (Mata Chandika) को चंद शासकों के कुल पुरोहित पांडेय वंशजों ने चंपावत से यहां लाकर स्थापित किया था. वर्षभर जिले के भक्तजन माता के दरबार में आकर पूजा-अर्चना करते हैं. शारदीय और चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) में मंदिर में भक्त अधिक संख्या में आते हैं. इस दौरान भजन-कीर्तन कर मां चंडिका की आराधना की जाती है.

क्या है मान्यता
चंडिका माता को मूल रूप से चंपावत का माना जाता है. वर्ष 1698 से 1701 में चंद राजाओं के शासनकाल में उनके कुल पुरोहित रहे सिमल्टा (चंपावत) गांव के पंडित श्रीराम पांडेय चंडिका देवी और गोल्ज्यू को लेकर बागेश्वर आए थे. ताम्र पत्र और शिलालेख में अंकित जानकारी के अनुसार भीलेश्वर पर्वत पर माता चंडिका का छोटा मंदिर (‌थान) बनाया गया. जिसके कुछ दूरी पर गोल्ज्यू की स्थापना की गई. जिन्हें अब चौरासी गोल्ज्यू के नाम से जाना जाता है. पांडेय वंशजों ने मंदिर के समीप चौरासी गांव को अपनी निवास स्थली बनाया और यहीं बस गए. जिसके बाद से पांडेय वंशजों की पीढ़ी चंडिका मंदिर के पुजारी के रूप में मां की सेवा कर रही है.

कब हुआ मंदिर का नवीनीकरण
कालांतर में समय बदला और बागेश्वर का भी विकास होता गया. पांडेय वंशजों के अलावा नगर और जिले के अन्य लोगों की आस्था भी चंडिका देवी में बढ़ने लगी. क्षेत्रवासियों ने महिषासुर मर्दिनी के नाम से विख्यात चंडिका मंदिर की पूजा नगरदेवी के रूप में शुरु कर दी. वर्ष 1985 में मंदिर के नवीनीकरण को लेकर विचार विमर्श शुरु हुआ. नगरवासियों ने मंदिर में निर्माण कार्य कराने के लिए कमेटी के गठन का विचार किया. 

कब मदिर का निर्माण
सर्वसम्मति से 1988 में चंडिका मंदिर कमेटी का गठन किया गया. कमेटी की देखरेख में 90 के दशक में चंडिका माता का भव्य मंदिर निर्माण किया गया. जिसके बाद मंदिर परिसर का विस्तार, मंदिर के समीप विश्राम गृह की स्थापना, मंदिर परिसर में चाहरदीवारी निर्माण, मंदिर तक सड़क निर्माण आदि कार्य कराए जा चुके हैं. वर्तमान में यहां मां च‌ंडिका के अलावा मां चामुंडा, माता कालिका, संतोषी माता, महावीर हनुमान, लांगुड़ावीर, क्षेत्रपाल और भेलू देवता के मंदिर स्थापित हैं. मंदिर की देखरेख का कार्य कमेटी जबकि पूजा अर्चना की जिम्मेदारी चौरासी के पांडेय वंशजों के पास है.

किसकी दी जाती थी बलि
चंडिका मंदिर में यूं तो वर्ष भर पूजा अर्चना को भक्त आते हैं, लेकिन नवरात्र और अन्य धार्मिक पर्वों पर अधिक भीड़ उमड़ती है. मंदिर में समय-समय पर नौबत पूजा और भागवत कथा का आयोजन किया जाता है. पिछले कुछ वर्षों से मंदिर में शादी-विवाह भी संपन्न कराए जा रहे हैं. आर्थिक रूप से कमजोर और सादगी के साथ विवाह संपन्न कराने वाले माता के दरबार में आकर अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत करते हैं. जिसमें कमेटी और पुजारियों का विशेष सहयोग मिलता है. पूर्व में मंदिर में अष्ट बलि प्रथा का चलन था. जिसमें भैंसे की बलि भी दी जाती थी. हालांकि न्यायालय के आदेश के बाद से बलि प्रथा बंद कर दी गई है.

ये भी पढ़ें:

Ballia News: पत्रकारों की रिहाई को लेकर कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने किया प्रदर्शन, दी ये बड़ी चेतावनी

UP News: 19 साल पुराने हत्या के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बरी किए जाने की अपील पर हाई कोर्ट में होगी सुनवाई

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ग्रेटर नोएडा-ग्रेनो वेस्ट को जोड़ने वाली सड़क पर बना फ्लाईओवर खुला, 6 साल का इंतजार खत्म
ग्रेटर नोएडा-ग्रेनो वेस्ट को जोड़ने वाली सड़क पर बना फ्लाईओवर खुला, 6 साल का इंतजार खत्म
'कहीं किसी को बचाने की कोशिश तो नहीं?' राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों ने क्या कुछ कहा?
'कहीं किसी को बचाने की कोशिश तो नहीं?' राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों ने क्या कुछ कहा?
अयोध्या: शेषावतार मंदिर में ध्वजारोहण के बीच फिर चर्चा में आए चंपत राय, सोशल मीडिया पर उठे सवाल
अयोध्या: शेषावतार मंदिर में ध्वजारोहण के बीच फिर चर्चा में आए चंपत राय, सोशल मीडिया पर उठे सवाल
Sonbhadra News: सोन नदी में नहाने गए दो किशोर डूबे, अफरा-तफरी में एक और युवक लापता
सोनभद्र: सोन नदी में नहाने गए दो किशोर डूबे, अफरा-तफरी में एक और युवक लापता

वीडियोज

Ram Mandir Donation Scam | Investigation | Ayodhya: SIT की Report में क्या है?
Ram Mandir Donation Theft | Janhit: राम मंदिर चंदा 'चंपत' करने वाले चंपत राय हैं?
Bilauti Mahapanchayat | Bharat Tiwari Encounter: एनकाउंटर फर्जी या असली? | Bihar | Samrat Chaudhary
Ram Mandir Donation Theft | Akhilesh Yadav | Sandeep Chaudhary: राम नाम की लूट, किसने दी छूट?
Ram Mandir Donation Scam |Abp Report:1 श्रद्धालु, सिर्फ 15 रुपये दान? गले नहीं उतरी ट्रस्ट की कहानी!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
फर्जी एनकाउंटर, महापंचायत और FIR…, भरत तिवारी केस में घिरी सम्राट सरकार, इंसाफ मांग रहा बिहार
फर्जी एनकाउंटर, महापंचायत और FIR…, भरत तिवारी केस में घिरी सम्राट सरकार, इंसाफ मांग रहा बिहार
'कहीं किसी को बचाने की कोशिश तो नहीं?' राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों ने क्या कुछ कहा?
'कहीं किसी को बचाने की कोशिश तो नहीं?' राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों ने क्या कुछ कहा?
सुनीता आहूजा और टीना आहूजा ने फैमिली इमरजेंसी की वजह से छोड़ा रियलिटी शो, गोविंदा की पत्नी बोलीं- मैं बहुत परेशान हूं
सुनीता आहूजा और टीना आहूजा ने फैमिली इमरजेंसी की वजह से छोड़ा रियलिटी शो, गोविंदा की पत्नी बोलीं- मैं बहुत परेशान हूं
एक देश, 3 टीमें... पूरी तरह से बदल जाएगा पाकिस्तान क्रिकेट! PCB उठाने जा रहा बड़ा कदम
एक देश, 3 टीमें... पूरी तरह से बदल जाएगा पाकिस्तान क्रिकेट! PCB उठाने जा रहा बड़ा कदम
पश्चिम बंगाल में गोदाम ढहने से 4 की मौत, आर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी; 3 आरोपी अरेस्ट
पश्चिम बंगाल में गोदाम ढहने से 4 की मौत, आर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी; 3 आरोपी अरेस्ट
यूपी BJP की टीम फाइनल, पंकज चौधरी को सौंपी गई लिस्ट, केन्द्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
यूपी BJP की टीम फाइनल, पंकज चौधरी को सौंपी गई लिस्ट, केन्द्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
Explained: फीफा में दहाड़े 'बूढ़े शेर'! रोनाल्डो से लेकर मेसी और गॉर्डन तक, 40 से ज्यादा उम्र के 8 प्लेयर्स का कैसे चला जादू?
फीफा में दहाड़े 'बूढ़े शेर'! रोनाल्डो, मेसी से गॉर्डन तक, 40 से ज्यादा उम्र के 8 प्लेयर्स चमके!
कैलाश पर्वत पर आखिर क्यों नहीं चढ़ सका कोई इंसान, चीन की सरकार ने क्यों इसे किया है बैन?
कैलाश पर्वत पर आखिर क्यों नहीं चढ़ सका कोई इंसान, चीन की सरकार ने क्यों इसे किया है बैन?
Embed widget