UP Politics: 'मैं स्वयंसेवक हूं, स्वयंसेवक को किसी भी पद का लालच नहीं होता', केपी मौर्य का अखिलेश यादव पर पलटवार
अखिलेश यादव में कब गंभीरता आएगी उनके विधायक बीजेपी में आने को तैयार हैं. जिस प्रकार के उनके विधायक हैं, उनके विधायकों की मानसिकता है उनको बीजेपी में लेने की कोई योजना नहीं है.

UP News: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव की बयानबाजी पर पलटवार करते हुए कहा कि सिंहासन पर बढ़ते जाना पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं. मैं एक स्वयंसेवक हूं और स्वयंसेवक को किसी भी पद का लालच नहीं होता है. पद का लालच तो अखिलेश यादव को है, इसलिए वह इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं और अखिलेश यादव बचकाने बयान देते हैं, अब अखिलेश यादव को गंभीर हो जाना चाहिए. आपको बता दें, एक जनसभा में अखिलेश यादव ने कहा था कि मैं यूपी के उप मुख्यमंत्री को मौका देता हूं कि उन्हें मुख्यमंत्री बना दूंगा.
केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के इस बयान का पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के 5 साल मुख्यमंत्री रहे हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. और उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष हैं, तो जब ऐसे लोग इस तरह का बयान देते हैं तो मुझे लगता है कि यह बचकाना पन उनका कब जाएगा. अखिलेश यादव में कब गंभीरता आएगी उनके विधायक बीजेपी में आने को तैयार हैं. जिस प्रकार के उनके विधायक हैं, उनके विधायकों की मानसिकता है उनको बीजेपी में लेने की कोई योजना नहीं है. अन्यथा उनकी पार्टी टूटकर बीजेपी में आ जाएगी.
अखिलेश यादव पर किया पलटवार
आगे उन्होंने अखिलेश यादव के बयान पर ही पलटवार करते हुए कहा कि केशव प्रसाद मौर्य राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का स्वयं सेवक हैं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का जो स्वयं सेवक होता है. उस स्वयं सेवक की बस एक लाइन होती है सिंहासन बढ़ते जाना पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है हमारे पद का अंतिम लक्ष्य कोई पद प्राप्त कर लेना नहीं है ,पद प्राप्ति का लालच अखिलेश यादव को है. मैं अखिलेश यादव को सलाह देता हूं कि वह लगभग एक वर्ष राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखा में जाए फिर वहां संघ प्रशिक्षण वर्ग होता है. आईटीसी होती है और ओटीसी होती है उसको कर लें तो अखिलेश यादव को समझ आ जाएगा. कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कोई स्वयं सेवक पद लाभ के लिए कार्य नहीं करता है. बल्कि देश और समाज की सेवा का जो संस्कार स्वयंसेवक को दिया जाता है. उस लक्ष्य को लेकर वह काम करता है मैं भी वही काम कर रहा हूं.
अंत में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मेरे लिए पद महत्व नहीं रखता है. मेरे लिए जब भी जो भी काम मिलता है. वह काम क्या है, इसको मैं कैसे सफल बनाऊं यह महत्व रखता है. मैं आशा करता हूं कि भविष्य में अखिलेश यादव इस तरह की बयानबाजी से अपने आप को बचाने का प्रयास करेंगे. और मैं कहना चाहूंगा कि अखिलेश यादव मैनपुरी, रामपुर, खतौली तीनों सीटों पर उपचुनाव हार रहे हैं.
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