'चवन्नी से अठन्नी फिर रुपये बनाया', अखिलेश के बाद इस नेता का जयंत चौधरी पर तंज
UP Politics: श्यामलाल पाल ने कहा कि सपा ने चवन्नी को रुपया बनाने का काम किया है. दावा किया कि जिन लोगों को राजनीति की एबीसीडी तक नहीं आती थी, उन्हें राजनीतिक मंच दिया.

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को लेकर दिए गए ‘चवन्नी’ वाले बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने भी इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है.
मुजफ्फरनगर पहुंचे श्यामलाल पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने चवन्नी को रुपया बनाने का काम किया है. उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों को राजनीति की एबीसीडी तक नहीं आती थी, उन्हें समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक मंच दिया और आगे बढ़ाने का काम किया.
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पीडीए कार्यकर्त्ता सम्मेलन में भाग लेने आए थे
दरसअल बुधवार को समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल मुजफ्फरनगर जनपद के नगर में स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पहुंचे थे. जहां उन्होंने सबसे पहले कार्यकर्ताओं की एक मीटिंग ली और उसके बाद प्रेस वार्ता के माध्यम से मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर में आज समाजवादी पार्टी का पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन है.
इस कार्यकर्ता सम्मेलन में हम अपने संगठन के सेक्टर, बुथ ,जॉन तमाम साथियों से मिलने आए हैं और सम्मेलन इस बात को तय करेगा. की प्रदेश इंसाफ घटा है. लोगो को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है. इंसाफ की लड़ाई में आज बड़ी संख्या में मुजफ्फरनगर से अपने कार्यक्रम में भाग लेने के लिए लोग पहुंच रहे हैं.
समाजवादी पार्टी को आगे बढ़ाने वाला बताया
श्यामलाल पाल ने कहा कि कौन किस से जुड़ रहा है. उनके मन की बात है, और समाजवादी विचारको ने हमेशा गिरे हुए समाज को आगे उठाने का काम किया है. जो समाज कभी भी सामाजिक और राजनीतिक हास्यों पर रहा है. उस समाज को आगे ले आने में समाजवादियों की बहुत बड़ी भूमिका है.
उस समाज पर भी जब समाज के लोगों में देखा गया कि वहां पिछड़ापन है. लोगों की हैसियत के मुताबिक सम्मान नहीं मिल पा रहा है. तो हमेशा धरतीपुत्र नेताजी ने में भी और आदरणीय अखिलेश यादव ने भी ऐसे लोगों को हमेशा उठाने का काम किया. समाजवादी पार्टी एक प्रकार से राजनीति की नर्सरी है और नर्सरी में तमाम समाज के लोगों को राजनीति सिखाई गई, और राजनीतिक सिखा करके विधानसभा और देश की पार्लियामेंट में भी जाने का अवसर मिला है.
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