पश्चिम बंगाल चुनाव का असर अब यूपी तक! IAS अनुराग यादव को आयोग ने फटकारा? सपा-कांग्रेस का पलटवार
UP Politics: उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी अनुराग यादव और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच हुई बहस को लेकर सियासत गर्म हो गई है. सपा-कांग्रेस ने सीईसी पर तीखा हमला किया है.

उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी अनुराग यादव की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से कोलकाता में एक हाई लेवल की बैठक के दौरान तीखी बहस हो गई, जिसके बाद उन्हें ऑब्ज़र्वर पद से हटा दिया गया है. इसम मामले पर अब सियासत गरम हो गई है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसे लेकर सीईसी पर तीखा हमला किया और कहा कि उनकी वजह से देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है.
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल चांद हसन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत को इस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए. एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए फखरुल हसन ने कहा- "ज्ञानेश कुमार एक घटिया स्तर के अधिकारी है जो भाजपा के छोटे कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रहे हैं, जिनकी भाषा स्तरहीन है. जो इस देश के लोकतंत्र को लूटने और लुटवाने का काम कर रहे हैं"
सपा ने ज्ञानेश कुमार की भाषा पर उठाए सवाल
सपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. देश की सबसे बड़ी अदालत को लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई करनी चाहिए. वो जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, अगर इन पर स्वत संज्ञान देश की सर्वोच्च अदालत नहीं लिया तो जो लगातार विपक्ष जो कहता आ रहा है कि लोकतंत्र बीजेपी और ज्ञानेश कुमार के रहते सुरक्षित नहीं है.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका बीजेपी कार्यकर्ता की भूमिका है. जो हर हाल में बंगाल चुनाव में बीजेपी को जिताना चाहता है. बड़ी संख्या में वोटरों के नाम काट दिए गए हैं और बड़ी बेशर्मी से ये लोगों से बात करते हैं. देश का इतिहास जब भी लिखा जाएगा तब ज्ञानेश कुमार का नाम देश को कमजोर करने की श्रेणी में सबसे ऊपर लिखा जाएगा.
कांग्रेस पार्टी ने भी साधा निशाना
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी चुनाव आयुक्त के रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि ज्ञानेंद्र कुमार ने पहले टीएमसी के सांसद डेरेक ब्रायन 'गेट लॉस्ट' कहा और कल शाम को उन्होंने जिस तरह से आईएएस अनुराग यादव के खिलाफ बदतमीजी की है, उससे उनका हिटलरशाही वाला व्यवहार साफ़ दिखाई देता है.
वो लोकतंत्र को क़तई नहीं मानते हैं. उनका ये व्यवहार आपराधिक श्रेणी में आता है और ऐसे अपराध की उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. अनुराग यादव या डेरेक ब्राइन उनके बाप के नौकर नहीं है. समय आएगा ज्ञानेश गुप्ता का हिसाब होगा.
जानें- क्या है पूरा मामला?
बता दें कि यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग यादव के पश्चिम बंगाल में चुनाव ऑब्ज़र्वर बनाया गया था. बुधवार को चुनाव को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई थी, जिसमें ज्ञानेश कुमार और अनुराग यादव के बीच बहस हो गई. मामला इतना बढ़ गया कि अनुराग यादव ने कह दिया कि आप मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते. इसके बाद उन्हें ऑब्ज़र्वर पद से हटा दिया गया है.
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Source: IOCL























