Greater Noida: सेमीकंडक्टर पार्क के शिलान्यास से पहले बड़ी तैयारी, बिजली-पानी से लेकर ट्रैफिक तक बना प्लान
Semiconductor Park News: ग्रेटर नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क के शिलान्यास से पहले प्रशासन अलर्ट मोड में है. मंच, सुरक्षा, हैलीपैड, ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई.

उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर इकाई का शिलान्यास 21 फरवरी को ग्रेटर नोएडा में होने जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-28 में बनने वाले सेमीकंडक्टर पार्क की आधारशिला रखेंगे. यह परियोजना करीब 4000 करोड़ रुपये की लागत से 48 एकड़ जमीन पर तैयार की जाएगी. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे, जबकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे.
तैयारियों का लिया गया जायजा
वीवीआईपी कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह और यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया.
मंच की मजबूती, अतिथि दीर्घा, मीडिया गैलरी और हैलीपैड की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई. फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजामों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. पार्किंग, बिजली, पानी, साफ-सफाई और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है.
ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध
मुख्यमंत्री के जेवर दौरे को देखते हुए 21 फरवरी को सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे पर भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी. ट्रैफिक पुलिस ने कार्यक्रम स्थल के लिए अलग रूट और पार्किंग जोन तय किए हैं. हालांकि, एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है.
फॉक्सकॉन और HCL का संयुक्त उद्यम
यह यूनिट फॉक्सकॉन और HCL के संयुक्त उद्यम ‘इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा विकसित की जा रही है. कंपनी की ओर से करीब 3706 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.
बताया जा रहा है कि इस परियोजना से लगभग 3000 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा. साथ ही आसपास छोटे और सहायक उद्योग भी विकसित होंगे, जिससे जेवर और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी.
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
सेमीकंडक्टर कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सबसे जरूरी हिस्सा है. इस इकाई के शुरू होने से भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकेगा. यह परियोजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























