ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, 7 बिल्डरों पर ठोका 54 लाख रुपये का जुर्माना
Noida News: प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि पेनल्टी की रकम तुरंत एनजीटी के खाते में जमा कराई जाए और चालान की प्रति प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए. दोषी बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी.

जल प्रदूषण रोकने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाया है. प्राधिकरण के सीवर विभाग ने सात बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 54 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इन बिल्डरों पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सोसाइटियों में बने एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) को सक्रिय नहीं रखा और बिना शोधित सीवेज को नालों में गिराकर प्रदूषण फैलाया.
प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि पेनल्टी की रकम तुरंत एनजीटी के खाते में जमा कराई जाए और चालान की प्रति प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए. साथ ही दोबारा जांच में खामी पाए जाने पर दोषी बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. इसके अलावा, लीज डीड और भवन नियमावली की शर्तों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी.
जुर्माना झेलने वाले बिल्डरों की सूची:
- राजहंस रेजिडेंसी, सेक्टर-1 – 5 लाख रुपये
- पैरामाउंट इमोशंस, सेक्टर-1 – 5 लाख रुपये
- देविका होम्स, सेक्टर-1 – 10 लाख रुपये
- कैपिटल एथिना, सेक्टर-1 – 5 लाख रुपये
- पंचशील हाइनिस, सेक्टर-1 – 12 लाख रुपये
- जेएम फ्लोरेंस, टेकजोन-4 – 5 लाख रुपये
- पंचशील ग्रीन्स-2, सेक्टर-16 – 12 लाख रुपये
कुल मिलाकर, सात बिल्डरों पर 54 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है.
इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब पर्यावरण से समझौता करने वाले बिल्डरों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है. यह कदम अन्य बिल्डरों के लिए भी चेतावनी है कि नियमों का पालन अनिवार्य है, अन्यथा भारी आर्थिक और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एसटीपी का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और आईटी सिटी में भी एसटीपी निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है. बावजूद इसके, कुछ बिल्डर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और बिना शोधित सीवेज को सीधे नालों में डाल रहे हैं.
एसीईओ प्रेरणा सिंह का बयान
प्राधिकरण का लक्ष्य है कि ग्रेटर नोएडा से निकलने वाले सीवरेज का शत-प्रतिशत शोधन हो और साफ पानी को रियूज किया जाए. यह तभी संभव है जब बिल्डर और निवासी दोनों मिलकर सहयोग करें. बिना शोधित सीवेज नाले में गिराने वालों पर किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी. सीवर विभाग की टीम नियमित रूप से जांच करती रहेगी और खामी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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Source: IOCL





















