मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की निकालनी पड़ीं थीं आंखें, अब अस्पताल का रजिस्ट्रेशन होगा रद्द
Gorakhpur News: न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में मरीज के मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखें निकालनी पड़ी हैं. मजिस्ट्रियल जांच में बैक्टीरियल इन्फेक्शन की पुष्टि हुई है.

यूपी के गोरखपुर के न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में मरीज के आंख के ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है. मजिस्ट्रियल जांच में बैक्टीरियल इन्फेक्शन की पुष्टि के बाद अस्पताल का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) रद्द करने के साथ ही अन्य कार्रवाई भी की जा रही है. मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट आने के बाद गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बैक्टीरियल इन्फेक्शन की पुष्टि की है.
दरअसल, गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में कैंप में ऑपरेशन करवाने वाले 30 मरीजों में 18 के संक्रमण और 9 की आंख निकालनी पड़ी थी. इस मामले में जिलाधिकारी की ओर से मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए थे. जांच रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि बैक्टीरियल इन्फेक्शन की वजह से आंखों में संक्रमण हुआ था.
कैंप लगाकर 30 मरीजों का किया गया था ऑपरेशन
गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि 1 फरवरी को कैंप लगाकर 30 मरीज का ऑपरेशन किया गया. इसमें कुछ मरीजों को संक्रमण की वजह से हायर सेंटर भेजा गया था. वहां पर उनका इलाज किया गया. अभी तक किसी भी मरीज ने व्यक्तिगत रूप से शिकायत दर्ज नहीं कराई है. उन्होंने अपने स्तर से सर्वे कराए तो पता चला कि कई मरीजों के आंख में इंफेक्शन हुआ और उन्हें प्रॉब्लम भी हुई.
बैक्टीरियल इन्फेक्शन की पुष्टि
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि इस मामले में मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए थे, जिसकी रिपोर्ट में बैक्टीरियल इन्फेक्शन की पुष्टि हुई है. उसे समय ही हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था. अग्रिम कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है की जांच रिपोर्ट के साथ ही उनके रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाए.
सीएमओ ने शुरू किया जागरूकता अभियान
जब पता चला कि यह बैक्टीरियल इंफेक्शन है, उसके बाद एक अवेयरनेस कैंपेन सीएमओ की ओर से शुरू किया गया है. सभी अस्पताल और चिकित्सकों को इसके बारे में जानकारी दी गई है. क्योंकि यह बड़े माइनर ऑपरेशन है और अधिक संख्या में एक दिन में कई ऑपरेशन किए जाते हैं. इस तरह की समस्या पहले कभी नहीं आई थी इसलिए इसे सचेत होने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं, इसके बारे में बताया जा रहा है. सभी अस्पतालों को भी विसंक्रमित करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
ऑपरेशन के बाद निकालनी पड़ी थीं 9 मरीजों की आंखें
गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में 1 फरवरी को 30 मरीजों की आंखों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया. जिसके बाद कई मरीजों के आंखों में संक्रमण की शिकायत 24 घंटे के भीतर ही दर्ज की गई. इसके बाद मरीज को दोबारा अस्पताल ले जाया गया. यहां से उन्हें स्थिति गंभीर देखते हुए दिल्ली एम्स बनारस के साथी अन्य हायर सेंटर में भेजा गया. कल 18 से 19 मरीज के आंखों में गंभीर संक्रमण के बाद 9 मरीजों की आंख ऑपरेशन के बाद निकालनी पड़ी.
सीएमओ ने क्या कहा?सीएमओ डा. राजेश झा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के दर्जनों अस्पतालों में अलग-अलग टीम निजी अस्पतालों की ओटी की जांच कर चुकी है. जांच के दौरान जहां कहीं भी कमी मिल रही है सम्बन्धित अस्पताल को चेतावनी दी जा रही है. अगर चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं होता है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
सरकारी अस्पतालों को किया गया निर्देशित
सीएमओ ने सरकारी अस्पतालों के लिए निर्देश दिया है कि अगर इंफेक्शन कंट्रोल के लिए किसी भी सामग्री की कमी पड़ रही है तो तुरंत सूचना दी जानी चाहिए. सीएमओ द्वारा आवश्यक प्रबंध यथाशीघ्र किए जाएंगे. इस दौरान एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी भी सीएमओ के साथ मौजूद रहे.
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