AK-47 वाले मामले पर डिंपल यादव बोलीं- BJP आजादी की भावना कुचल रही
UP Politics: समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा हम देख रहे हैं कि बीजेपी के शासन में छात्रों पर अत्याचार कम नहीं हो रहे हैं. बीजेपी सरकार में लोगों की आजादी की भावना को कुचला जा रहा है.

दिल्ली में जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर आंदोलन की आंच अभी ठंडी नहीं पड़ी है. समाजवादी पार्टी की मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने छात्रों पर पैलेट गन और बिहार में एके 47 के इस्तेमाल पर आपत्ति जाहिर की है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में लोगों की आजादी की भावनाओं को कुचला जा रहा है.
संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा सांसद ने कहा, "हम देख रहे हैं कि बीजेपी के शासन में छात्रों पर अत्याचार कम नहीं हो रहे हैं. दिल्ली में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और जैसा कि आप कह रहे हैं, बिहार में छात्रों के खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल किया गया. यह निंदनीय है. बीजेपी सरकार में लोगों की आज़ादी की भावना को कुचला जा रहा है."
यह भी पढ़ें: रुड़की पहुंचे CM धामी, कहा- बच्चों को अच्छे संस्कार मिलना आवश्यक
छात्रों के बीच पहुंची थीं डिंपल यादव
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों और युवाओं की पुलिस झड़प हो गयी थी, जिसके बाद लाठीचार्ज हुआ था. कई छात्र और युवा गंभीर रूप से घायल भी हुए थे. उसी दौरान सपा सांसद डिंपल यादव अपनी पार्टी के सांसदों के साथ पहुंची थीं और उन्होंने जब छात्र-छात्राओं से बातचीत की तो पुलिस पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने घायल छात्रों को तुरंत मेडिकल के लिए भिजवाया था. उनके कई वीडियो बच्चों को संभालते वायरल हुए थे.
इस बीच कई छात्र और युवाओं के पैलेट गन से घायल होने पर विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया है और दोषी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है.
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी विपक्ष के तेवर तीखे
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद माना जा रहा था कि संसद का मानसून सत्र सुचारू रूप से चलेगा, लेकिन नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत सभी विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन इस्तेमाल करने वाले और आदेश देने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर इस मामले को गंभीरता से उठा दिया है.
'यह भी पढ़ें: जब हर मांग स्वीकार कर ली...', विपक्ष पर भड़कीं MLA पूजा पाल























