गोरखपुर में तरबूज और नूडल्स खाने के बाद एक ही परिवार के 9 लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती
गोरखपुर जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर बीके सुमन ने बताया कि मलांव गांव के नौ लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद जिला चिकित्सालय की न्यू ओपीडी में भर्ती किया गया है.

गोरखपुर में संक्रामक रोगों के मौसम के बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जिले के मलांव गांव में एक ही परिवार के नौ लोग तरबूज और नूडल्स खाने के बाद बीमार पड़ गए. सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. हालांकि एक बच्ची की हालत में सुधार होने पर उसे घर भेज दिया गया है.
मामला गोरखपुर के बेलीपार ब्लॉक के मलांव गांव का है. बुधवार 13 मई की रात एक ही परिवार के नौ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. पहले उन्हें बेलीपार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर गुरुवार 14 मई की रात गोरखपुर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. बीमार लोगों में 70 वर्षीय बुजुर्ग से लेकर 8 साल की बच्ची तक शामिल हैं.
परिवार की एक महिला ने बताया कि उसने बुधवार शाम करीब 4 बजे तरबूज खाया था. इसके करीब डेढ़ घंटे बाद नूडल्स खाई गई. इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी-दस्त शुरू हो गया. धीरे-धीरे परिवार के अन्य सदस्य भी बीमार पड़ गए. उसने बताया कि उसे बुखार और ठंड भी लग रही है. फिलहाल उसकी हालत स्थिर है, लेकिन अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि तबीयत तरबूज खाने से बिगड़ी या नूडल्स खाने से.
परिवार के एक अन्य सदस्य ने बताया कि उनके बुजुर्ग नाना समेत परिवार के नौ लोग अस्पताल में भर्ती हैं. सभी ने पहले तरबूज और बाद में नूडल्स खाई थी. इसके बाद सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी. उन्होंने कहा कि अभी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि समस्या किस चीज के सेवन से हुई.
गोरखपुर जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर बीके सुमन ने बताया कि मलांव गांव के नौ लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद जिला चिकित्सालय की न्यू ओपीडी में भर्ती किया गया है. सभी की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है. उन्होंने बताया कि एक बच्ची की तबीयत में सुधार होने पर उसे घर भेज दिया गया है.
डॉक्टर बीके सुमन ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लोगों की तबीयत तरबूज खाने से बिगड़ी या नूडल्स के सेवन से. उन्होंने बताया कि तरबूज को पकाने में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक केमिकल और एक्सपायरी पैकेट बंद खाद्य पदार्थ संक्रामक रोगों के मौसम में गंभीर परेशानी पैदा कर सकते हैं. उन्होंने लोगों से फल और पैकेट बंद सामान खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट जांचने की अपील की.






















