गाजीपुरः तीसरी के छात्र की स्कूल में करंट से मौत, बंदरों के लिए लगाए गए थे तार
गाजीपुर में करंट लगने से कक्षा तीसरी में पढ़ने वाले छात्र उत्कर्ष गुप्ता की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

गाजीपुर जिले जंगीपुर थाना क्षेत्र स्थित दानिश मेमोरियल पब्लिक स्कूल में करंट लगने से कक्षा 3 में पढ़ने वाले छात्र उत्कर्ष गुप्ता की मौत हो गई. आरोप है कि स्कूल परिसर में बंदरों को भगाने के लिए जमीन से महज दो से तीन फीट की ऊंचाई पर बिजली का तार लगाया गया था.
घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद उन्हें सूचना तक नहीं दी गई. यह हादसा शनिवार को हुआ है.
जानकारी के मुताबिक, पितृ विसर्जन के अवसर पर छुट्टी होने के बावजूद उत्कर्ष परीक्षा देने के लिए विद्यालय पहुंचा था. उस समय विद्यालय खुला ही था और कुछ बच्चे परिसर में खेल रहे थे. इसी दौरान परिसर में टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में उत्कर्ष आ गया. करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया. आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया.
लखनऊ: हिरासत में लिए गए NSUI कार्यकर्ता, लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप
'बंदरों को भगाने की लगाए करंट से झुलसने से मौत'
मृतक छात्र के मामा दीपक गुप्ता ने आरोप लगाया कि विद्यालय के आसपास बंदरों का आतंक है. बंदरों से बचाव के लिए विद्यालय परिसर में जमीन से महज दो से तीन फीट ऊपर नंगा बिजली का तार लगाया गया था. खेलते समय उत्कर्ष इसी तार की चपेट में आ गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद विद्यालय प्रबंधन ने परिवार को कोई सूचना नहीं दी.
स्कूल प्रबंधन पर घटना छिपाने का आरोप
दीपक गुप्ता के मुताबिक, किसी अन्य माध्यम से घटना की जानकारी मिलने पर वह विद्यालय पहुंचे, लेकिन वहां उनका भांजा नहीं मिला. इसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें उत्कर्ष की मौत की जानकारी हुई. घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है. मासूम बेटे को खोने के गम में उसके पिता की हालत बेहद खराब बताई जा रही है और वह कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं.
जांच के बाद कार्रवाई की बात
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें भी मिली है. प्रकरण की जांच कराई जा रही है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे ने विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा और बिजली के खतरनाक इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पल्लवी पटेल का चुनाव आयोग पर निशाना, चुनाव आयुक्त को बताया BJP का एजेंट





















