गाजियाबाद: जेल से रिहा रेप के आरोपी का जबरदस्त स्वागत, फूलमाला पहनाकर कंधों पर उठाकर मनाया जश्न
Ghaziabad News: यूपी के ग़ाज़ियाबाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें ज़मानत मिलने के बाद जेल से बाहर आरए आरोपी का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एलएलबी की छात्रा से रेप के आरोपी सुशील प्रजापति के जमानत पर रिहा होने के बाद उसका जबरदस्त स्वागत किया है. जेल से बाहर आने के बाद लोगों ने उसे कंधों पर उठा लिया और फूल मालाओं से लाद दिया, उसे लेने आए लोग गाड़ियों के काफिले में उसे जेल से लेकर गए, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
खबर के मुताबिक गाजियाबाद में 7 अगस्त 2025 को थाना मुरादनगर में एक युवती ने हिन्दू संगठन के पूर्व पदाधिकारी सुशील प्रजापति के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था. युवती ने आरोप लगाया था कि सुशील उस को अपनी काले रंग की थार गाड़ी में बिठाकर ले गया था, आरोपी ने उसे कोल्डड्रिंक पिलाया जिससे उसे नशा हो गया और फिर आरोपी ने रेप की वारदात को अंजाम दिया.
जेल से रिहा होने पर समर्थकों ने किया स्वागत
सुशील प्रजापति के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी ने 21 अगस्त को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. जिसके बाद से वो जेल में बंद था. इस केस में कोर्ट से जमानत होने के बाद 17 मई को सुशील रिहा हुआ, जहां बड़ी संख्या में उसके समर्थक और दोस्त उसे लेने जेल पहुंचे थे.
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आरोपी को फूलमाला पहनाकर कंधों पर उठाया
जैसे ही सुशील जेल से बाहर आया लोगों ने उसका जबरदस्त तरीके से स्वागत किया और उसके गले में फूल मालाएं पहनाईं. समर्थकों ने उसे कंधों पर उठा लिया और धुमाने लगे. सुशील प्रजापति गाजियाबाद में हिंदू संगठन से जुड़ा रहा है। करीब डेढ़ साल पहले सुशील किसान यूनियन से जुड़ा है.
सुशील प्रजापिता का जेल से बाहर आने का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसके बाद इसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. वहीं इस पूरे मामले पर डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि वायरल वीडियो का पुलिस ने संज्ञान लिया है. पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है. अगर जाँच में किसी तरह की क़ानून व्यवस्था को प्रभावित करने या नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई तो आरोपियों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
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Source: IOCL

























