Ghaziabad News: 'हमारे जहाज में आग लग गई', इराक के पास तेल टैंकर पर हमले में भारतीय इंजीनियर की मौत
Ghaziabad News In Hindi: बेटे क्षितिज सिंह ने बताया कि उनकी मां के फोन पर पिता का मैसेज आया, हमारे जहाज में आग लग गयी है. इसके बाद परिवार से फिर कोई संपर्क नहीं हो सका.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दुखद खबर आई है, यहां अह्ने वाले मर्चेंट नेवी इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में मौत हो गयी. वे अमेरिकी कंपनी क्रूड आयल टैंकर MT Safesea Vishnu पर तैनात थे. उनके जहाज पर हमला हुए, वे एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात थे.
परिवार के मुताबिक, जापान में तैनात बेटे क्षितिज सिंह ने बताया कि उनकी मां के फोन पर पिता का मैसेज आया, “हमारे जहाज में आग लग गयी है.” इसके बाद परिवार से फिर कोई संपर्क नहीं हो सका. कुछ घंटों बाद खबर मिली कि ईरानी समर्थित हमले में भीषण आग लग गयी, जिसमें देवनंदन सिंह की मौके पर मौत हो गयी.
क्या था पूरा घटनाक्रम ?
यहां बता दें कि इराक के बसरा के पास खोर अल जुबैर पोर्ट के पास, जहाज-टू-शिप कार्गो ट्रांसफर कर रहा था. रिपोर्टर्स के मुताबिक इस जहाज पर सुसाइड बोट से हमला हुआ था, जिसके बाद आग लग गयी. इस जहाज में कुल 28 लोग सवार थे, जिसमें 16 भारतीय भी थे, इसमें 15 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया. लेकिन देवनंदन सिंह को नहीं बचाया जा सका. इराक स्थित दूतावास ने भी घटना की पुष्टि की है.
परिवार सदमें में
मृतक देवनंदन प्रसाद सिंह के परिवार में अब पत्नी, बेटा क्षितिज सिंह और एक छोटी बेटी हैं. दोनों बच्चे पढ़ाई/जॉब कर रहे हैं. क्षितिज ने बताया कि पिता हमेशा भारतीय झंडे के नीचे सेवा करना पसंद करते थे और परिवार चाहता है कि उनका पार्थिव शरीर जल्द भारत लाया जाए. परिवार मूलरूप से बिहार का रहने वाला है, फिलहाल अभी गाजियाबाद रहता है. जबकि इससे पहले मुंबई में रहते थे.
देवनंदन सिंह का परिवार इस घटना से बेहद सदमे में है और दूतावास में संपर्क कर उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भेजने की गुहार लगाई है. किसी को भी उनकी इस तरह से मौत पर यकीन नहीं हो रहा.
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Source: IOCL



























