Ghaziabad: तीन दिन में 2 संदिग्ध हालत में मौत, दोनों में इतनी समानता कि पुलिस के साथ उड़े परिवार के भी होश, जाने-मामला?
Ghaziabad News: 1 नवंबर को साक्षी नाम की छात्रा ने 12 मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद 3 नवंबर को हार्दिक नाम के छात्र ने 19वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी.

Ghaziabad News: गाजियाबाद में तीन दिनों में सदिंग्ध हालत में दो मौत की घटनाओं से हड़कंप मच गया है. इन दोनों घटनाओं में इतनी समानता है जिससे पुलिस क्या परिवार के लोग भी हैरान रह गए हैं. एक नवंबर को साक्षी नाम की छात्रा ने 12 मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी, वहीं 3 नवंबर को हार्दिक नाम के छात्र ने 19वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी. दोनों ही बीटेक के छात्र थे और एक ही इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई करते थे.
दो संदिग्ध मौतों एक सा कनेक्शन
एक नवंबर को थाना विजय नगर क्षेत्र की क्रॉसिंग रिपब्लिक एरिया की ग्लोबल विलेज हाउसिंग सोसाइटी में साक्षी नाम की स्टूडेंट ने 12 वीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली, साक्षी ABES आईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी. दूसरी घटना भी इसी धाना क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार की एपेक्स द क्रेमिनल सोसायटी में हुई, यहां 3 नवंबर को हार्दिक ने 19 वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. हार्दिक इस सोसायटी में किसी को नहीं जानता था, एंट्री गेट पर फ्रेंड और सेल्स ऑफिस लिख कर उसने गेट पर एंट्री की और मौत की छलांग लगा दी. हार्दिक का बैग 17वीं मंजिल पर मिला. हार्दिक भी ABES आईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक सेकंड ईयर का छात्र था.
साइबर ठगी का शिकार हुए थे दोनों
साक्षी की मौत की खबर जब उसके दोस्तों को पता चली तो उसके दोस्त घर पहुंचे, दोस्तों ने पिता को बताया साक्षी उनसे पैसे मांग रही थी, इसके बाद साक्षी के पिता ने अकाउंट डिटेल चेक की तो 11 बार यूपीआई से 91 हजार रुपये अलग-अलग नंबर से ट्रांसफर किए गए थे. वहीं हार्दिक की मौत में भी यही बात सामने आई. हार्दिक ने अपनी मम्मी के खाते से 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे. परिजनों ने बैंक डिटेल निकली तो पता चला कि ई कॉमर्स, ई आईडी से पेमेंट की गई थी. ये खुलासा होने के बाद इस केस का रुख ही बदल गया.
इस मामले पर जानकारी देते हुए सीओ प्रथम अंशु जैन ने बताया थाना विजय नगर में दो घटनाएं सामने आई हैं. बीटेक के दो छात्रों ने विजय नगर थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगह कूद कर बिल्डिंग से छलांग लगा ली. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला टेलीग्राम इन्वेस्टमेंट के ग्रुप में यह दोनों छात्र जुड़े थे. साक्षी और हार्दिक मौत के आधे घंटे पहले तक पेमेंट कर रहे थे. दोनों साइबर ठगी का शिकार हो गए थे. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है. इस सिलसिले में पुलिस ने साइबर क्राइम को टेलीग्राम को भी पत्र लिख कर इस बारे में जानकारी मांगी है.
पुलिस ने अब इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस इस मामले को सुलझाने में लगी है, लेकिन आरोपी पकड़ से बाहर है. पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर कैसे इनवेस्टमेंट के नाम पर इनसे रकम वसूली गई और मौत से पहले तक भी ये ऑनलाइन पेमेंट करते रहे.
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Source: IOCL



























