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देहरादून: आशारोड़ी-मोहकमपुर एलिवेटेड रोड के लिए मिट्टी की जांच शुरू, दो महीने होगी स्टडी
Dehradun News: आशारोड़ी से मोहकमपुर तक बनने वाली लगभग 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए मिट्टी की जांच का काम शुरू हो गया है.

एलिवेटेड रोड से मिलेगी जाम से राहत
Source : आलोक सेमवाल
देहरादून में आशारोड़ी से मोहकमपुर तक बनने वाली लगभग 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए मिट्टी की जांच का काम शुरू हो गया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा कराए जा रहे इस जियो-टेक्निकल (भू-तकनीकी) अध्ययन से यह तय होगा कि पिलर कहां और कितनी गहराई में लगाए जाएं, ताकि वे दशकों तक मजबूती से खड़े रहें.
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के अनुसार, एलिवेटेड रोड के मार्ग (एलाइनमेंट) में बदलाव के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में भी जरूरी संशोधन किए जा रहे हैं. जियो-टेक्निकल सर्वेक्षण के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि कितनी गहराई तक मिट्टी नरम है और मजबूत चट्टानी परत (हार्ड स्ट्राटा) कहां स्थित है.
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के अनुसार, एलिवेटेड रोड के मार्ग (एलाइनमेंट) में बदलाव के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में भी जरूरी संशोधन किए जा रहे हैं. जियो-टेक्निकल सर्वेक्षण के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि कितनी गहराई तक मिट्टी नरम है और मजबूत चट्टानी परत (हार्ड स्ट्राटा) कहां स्थित है.
ड्रिलिंग से ली जा रही भू-जल स्तर की जानकारी
ड्रिलिंग के माध्यम से भूजल स्तर और उसकी दिशा की भी जानकारी ली जा रही है, क्योंकि अधिक पानी होने पर नींव कमजोर हो सकती है. इसके अलावा, भूकंप और वाहनों के भार का प्रभाव भी आंका जा रहा है. दो महीने में यह अध्ययन पूरा कर डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी.
मार्ग में किए गए प्रमुख बदलाव
परियोजना के दौरान व्यस्त रिस्पना पुल जंक्शन पर यातायात समस्या न बढ़े, इसलिए इस क्षेत्र को बाईपास कर दिया गया है. एलिवेटेड रोड के पिलर रेलवे ट्रैक के समानांतर लगाए जाएंगे. इसी तरह, मोहकमपुर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के बजाय केंद्रीय विद्यालय (आईआईटी) से परियोजना शुरू की जाएगी, ताकि स्कूली बच्चों को राजमार्ग पार करने का खतरा न उठाना पड़े.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से बदलावों को मंजूरी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इन बदलावों को मंजूरी दे दी है. नई योजना के अनुसार, 12 किलोमीटर के पूरे हिस्से पर एलिवेटेड रोड के साथ-साथ कुछ स्थानों पर फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे.
अजबपुर-मोहकमपुर के बीच फ्लाईओवर
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, मोहकमपुर से अजबपुर फ्लाईओवर के बीच जगह की उपलब्धता के आधार पर फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, जबकि आईएसबीटी से आशारोड़ी तक पूरा हिस्सा एलिवेटेड रोड से कवर होगा.
रिस्पना पुल पर भारी यातायात दबाव
रिस्पना पुल पर प्रतिदिन 40 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं. यदि पुरानी योजना के अनुसार यहां निर्माण कार्य होता, तो मौजूदा यातायात को भारी परेशानी होती. इसलिए मोहकमपुर से अजबपुर तक का हिस्सा रेलवे ट्रैक के बगल से गुजारा जाएगा.इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1500 करोड़ रुपए है, जिसमें भूमि अधिग्रहण भी शामिल है.
एलिवेटेड रोड से जाम की समस्या का समाधान
सहारनपुर-देहरादून-हरिद्वार मार्ग पर आईएसबीटी से मोहकमपुर तक पिछले 10 वर्षों में दोनों ओर घनी आबादी बस गई है. रोजमर्रा के कामों के लिए लाखों लोग शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन करते हैं और उन्हें राजमार्ग पार करना पड़ता है.
इस पूरे क्षेत्र में एक भी अंडरपास नहीं है, जिससे राजमार्ग और स्थानीय यातायात के दबाव से जगह-जगह जाम लगता है. एलिवेटेड रोड बनने के बाद राजमार्ग और स्थानीय यातायात अलग-अलग सुगमता से चल सकेगा, जिससे जाम की समस्या से राहत मिलेगी.
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Source: IOCL
























