'इस्तीफे से नहीं, राष्ट्रीय नीति से होगा समाधान', पेपर लीक के मुद्दे पर बोले पूर्व सांसद धनंजय सिंह
UP News In Hindi: गोंडा पहुंचे पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने पेपर लीक के मुद्दे पर कहा कि लाखों भविष्य से जुड़े मामले में मंत्री के इस्तीफे से नहीं, बल्कि मजबूत राष्ट्रीय नीति से ही सुधार संभव है.

उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंचे पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने पेपर लीक के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला हैं और इसका समाधान केवल किसी मंत्री के इस्तीफे से नहीं, बल्कि मजबूत राष्ट्रीय नीति से ही संभव है. उन्होंने केंद्र सरकार से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की.
एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पर गोंडा पहुंचे पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, पेपर लीक की घटनाएं बेहद दुखद हैं. इससे लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है और युवाओं में निराशा का माहौल बनता है. उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद इस्तीफा हुआ है, लेकिन केवल इस्तीफा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा. सरकार को ऐसी ठोस और प्रभावी नीति बनानी होगी जिससे भविष्य में पर्चा लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके.
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सेना को परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी सौंपने का दिया सुझाव
धनंजय सिंह ने दावा किया कि पिछले 35 सालों में सीडीएस और एनडीए जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक नहीं हुए हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी सेना को सौंपने पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाई जा सके.
पूर्व सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाना छात्रों का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता के सवालों का जवाब दे. उन्होंने कहा कि जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए. हालांकि उन्होंने सरकार द्वारा जनता की भावनाओं का सम्मान करने पर बधाई भी दी, लेकिन साथ ही दोहराया कि अब जरूरत स्थायी समाधान की है, ताकि आने वाले समय में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा पर सवाल न उठे और युवाओं का भरोसा बना रहे.
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