सपा सरकार में था हनुमानगढ़ी के सामने इफ्तार करने का प्लान? पूर्व DGP के दावे से यूपी की सियासत में हलचल
पूर्व DGP ने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार बनी थी, तब अयोध्या में हनुमानगढ़ी के सामने इफ्तार पार्टी और नमाज के आयोजन की योजना बनाई गई थी.

उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सड़क पर नमाज पढ़ने पर लगाए गए प्रतिबंध का खुलकर समर्थन किया है. मंगलवार को उन्होंने कहा कि सड़कें यातायात के लिए होती हैं, किसी भी धार्मिक आयोजन या नमाज के लिए नहीं. ब्रजलाल ने सीएम योगी को इस फैसले के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे कानून व्यवस्था और आम जनता की सुविधा को मजबूती मिलेगी.
सपा और कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
राज्यसभा सांसद बृजलाल ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की पूर्व सरकारों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहले राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगलों में इफ्तार पार्टियां आयोजित होती थीं और मंत्रियों में रोजा इफ्तार कराने की होड़ लगी रहती थी. उस दौर में बड़े अधिकारी भी सत्ता के करीब आने के लिए अपने सरकारी आवासों पर इफ्तार कार्यक्रम कराने लगे थे, जबकि हिंदू त्योहारों पर ऐसे आयोजनों की कल्पना तक नहीं की जाती थी.
सपा सरकार ने हनुमानगढ़ी के सामने इफ्तार पार्टी की बनाई थी योजना: बृजलाल
भाजपा सांसद बृजलाल ने वर्ष 2003 की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार बनी थी, तब अयोध्या में हनुमानगढ़ी के सामने इफ्तार पार्टी और नमाज के आयोजन की योजना बनाई गई थी. उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन आईजी जोन इस आयोजन को कराने पर अड़े थे और हनुमानगढ़ी के सामने नमाज पढ़ाने की तैयारी की जा रही थी. बृजलाल ने कहा कि, उस समय फैजाबाद (अब अयोध्या) के तत्कालीन एसएसपी ने इस कार्यक्रम का विरोध किया और मंदिर परिसर के सामने नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी. इसके बावजूद जैसे ही चटाई बिछाकर नमाज पढ़ने की कोशिश हुई, पुलिस ने तत्काल उनको हटवा दिया. राज्यसभा सांसद बृजलाल ने दावा किया कि यह पूरा घटनाक्रम तत्कालीन सरकार की तुष्टिकरण नीति का उदाहरण था.
योगी सरकार का उद्देश्य किसी धर्म विशेष का विरोध नहीं: बृजलाल
सांसद बृजलाल ने कहा कि प्रदेश में कानून सबके लिए समान रूप से लागू हो रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में धार्मिक आयोजनों के नाम पर सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. बृजलाल ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य किसी धर्म विशेष का विरोध नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को बनाए रखना है.
























