देहरादून: TTH एजेंट की गिरफ्तारी के बाद हुए चौकानें वाले खुलासे, दो खतरनाक टास्क आए सामने
Dehradun News: तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान से जुड़े संदिग्ध एजेंट विक्रांत कश्यप की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज हो गई है. केंद्रीय एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही है.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े संदिग्ध एजेंट विक्रांत कश्यप की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज हो गई है. उत्तराखंड एसटीएफ की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब केंद्रीय एजेंसियां भी मामले में सक्रिय हो गई हैं और आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक जांच में जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली और गंभीर है.
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे टीटीएच से जुड़े आतंकी हैंडलर शहजाद भट्टी ने विक्रांत कश्यप को दो खतरनाक टास्क सौंपे थे. पहला टास्क ‘टेस्टिंग’ के तौर पर दिया गया था, जिसमें आरोपी को देहरादून के प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर “तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान” लिखने के लिए कहा गया था. इन स्थानों में आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय, आईएमए और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान शामिल थे. इस योजना का मकसद शहर में दहशत फैलाना और संगठन की मौजूदगी का संदेश देना था.
सुप्रीम कोर्ट के एक अधिवक्ता सहित निशाने पर थे ये लोग
इसके बाद आरोपी को दूसरा और अधिक खतरनाक टास्क सौंपा गया. इस टास्क के तहत उसे दिल्ली में एक संगठन के कार्यकर्ताओं और सर्वोच्च न्यायालय के एक अधिवक्ता पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने के निर्देश दिए गए थे. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि समय रहते आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तो वह किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दे सकता था.
विक्रांत कश्यप के पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि
जांच एजेंसियों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विक्रांत कश्यप और पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के बीच कनेक्शन की पुष्टि की है. दोनों के वॉइस सैंपल का मिलान कराया गया, जो मेल खा गया है. इससे यह साफ हो गया है कि आरोपी सीधे विदेशी आतंकी नेटवर्क के संपर्क में था.
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया आरोपी का मोबाइल
इसके अलावा आरोपी के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जहां से और भी अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. उसके सोशल मीडिया अकाउंट—इंस्टाग्राम और फेसबुक—की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि उसके संपर्कों और गतिविधियों का पूरा नेटवर्क सामने आ सके.
संदिग्धों और स्लीपर सेल की तलाश तेज
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर अब अन्य संभावित संदिग्धों और स्लीपर सेल की तलाश तेज कर दी गई है. केंद्रीय एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि यह नेटवर्क उत्तराखंड तक सीमित है या देश के अन्य हिस्सों में भी फैला हुआ है. पूछताछ में कुछ और संदिग्ध नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है.
सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई निगरानी
एहतियात के तौर पर सुरक्षा एजेंसियों ने देहरादून और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है. महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है. एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि हाल ही में गिरफ्तार अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका विक्रांत कश्यप से कोई संबंध है या नहीं.
कुल मिलाकर, इस मामले ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि आतंकी संगठन नए तरीकों से युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अभी भी पूरी सतर्कता के साथ इस नेटवर्क की गहराई तक जांच में जुटी हुई हैं.
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Source: IOCL


























