महिला सशक्तिकरण पर CM धामी का बड़ा संदेश, बोले- 'देवाधिदेव महादेव भी शक्ति के बिना अधूरे'
Women Reservation Bill in India: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला सशक्तिकरण पर कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही इस देश और समाज की असली प्रगति की बुनियाद है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार (15 अप्रैल) को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में महिला सशक्तिकरण सबसे ऊपर है. राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही इस देश और समाज की असली प्रगति की बुनियाद है.
'शक्ति के बिना शिव भी अधूरे हैं'- सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि शिव भी तभी सामर्थ्यवान हैं जब वे शक्ति से युक्त हों. उन्होंने कहा कि जब देवाधिदेव महादेव भी शक्ति के बिना अधूरे हैं, तो फिर नारीशक्ति के सामर्थ्य के बिना राष्ट्र की वास्तविक उन्नति की कल्पना करना भी बेमानी है.
उन्होंने कहा कि आज की महिला सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है. वह खेत में अन्न उगाने वाली किसान भी है, स्टार्टअप खड़ा करने वाली उद्यमी भी है, गांव की पंचायत में बैठकर विकास की योजनाएं बनाने वाली जनप्रतिनिधि भी है और संसद में नीति निर्धारण करने की क्षमता रखने वाली सशक्त नेत्री भी.
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया युगांतकारी
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक और युगांतकारी बताया. उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला यह कानून महज एक संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं है, बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की वास्तविक और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया क्रांतिकारी कदम है.
धामी ने कहा कि देश की आधी आबादी को आज तक वह सम्मान नहीं मिल सका जिसकी वह हकदार रही है, लेकिन अब एक नए युग का शुभारंभ हो चुका है. उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र भी प्रस्तावित है, जिससे कई दशकों से लंबित महिला आरक्षण का सपना अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
प्रदेश में 2 लाख से ज्यादा महिलाओं की आय 1 लाख
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की महिला कल्याण योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और समान नागरिक संहिता लागू कर उनकी सुरक्षा और अधिकारों को कानूनी मजबूती दी गई है.
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत महिला समूहों के उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है.
एक खास उपलब्धि का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाओं की सालाना आय एक लाख रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है — यानी वे 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं. महिला स्वयं सहायता समूहों के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए 'हाउस ऑफ हिमालयाज' नाम से अम्ब्रेला ब्रांड भी शुरू किया गया है.
यह कानून भारत के भविष्य को देगा दिशा
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महज एक कानून नहीं, बल्कि भारत के भविष्य को दिशा देने वाला परिवर्तनकारी प्रयास है. उन्होंने कहा कि महिलाओं की यह यात्रा केवल अधिकार पाने की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में अपनी हिस्सेदारी तय करने की भी है.
राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने इस अवसर पर कहा कि इस कानून की असली ताकत यही है कि यह महिलाओं को सिर्फ प्रतिनिधित्व नहीं देता, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया का केंद्र बनाता है. उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों की महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में भी पुरुषों पर निर्भर रहना पड़ता था. अवसर सीमित थे, मंच सीमित थे. लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.
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Source: IOCL























