बरेली में 'हादसा' निकला साजिश, अपहरण की प्लानिंग के बीच टैंकर से टकराई बोलेरो, 5 की हुई थी मौत
Bareilly News In Hindi: शुरुआती तौर पर जिसे सामान्य दुर्घटना माना जा रहा था, वह दरअसल प्रेम प्रसंग से उपजी दुश्मनी, अपहरण और साजिश की कड़ी निकली.पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

उत्तर प्रदेश के बरेली में सीबीगंज क्षेत्र में हुआ भीषण सड़क हादसा अब एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र के रूप में सामने आया है. शुरुआती तौर पर जिसे सामान्य दुर्घटना माना जा रहा था, वह दरअसल प्रेम प्रसंग से उपजी दुश्मनी, अपहरण और साजिश की कड़ी निकली. इस पूरी घटना ने यह साफ कर दिया कि गलत मंशा से रची गई योजना आखिरकार खुद ही अपने अंजाम तक पहुंच जाती है.
सीबीगंज थाना क्षेत्र के बड़े बाईपास पर खड़े टैंकर में बुलेरो कार की टक्कर में पांच लोगों की मौत के मामले में एसपी सिटी मानुष पारिक ने अहम खुलासा किया है. एसपी सिटी मानुष पारिक के अनुसार, यह घटना महज सड़क हादसा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित अपहरण की साजिश थी.
पुलिस जांच में आया चौंकाने वाला सच
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक मनमोहन, फरीदपुर निवासी नत्थू का बेटा था. वह मनोज की बहन की बेटी से प्रेम करता था और दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन मनोज इस रिश्ते का विरोध कर रहा था. इसी विरोध ने धीरे-धीरे विवाद का रूप लिया और फिर साजिश में बदल गया.
बताया गया कि मनमोहन ने अपने साथियों के साथ मिलकर मनोज और उसके दो बच्चों का अपहरण कर लिया. उनके इरादे मनोज को रास्ते से हटाने और बच्चों को फरीदपुर से दिल्ली हाईवे की ओर कहीं ले जाकर शिफ्ट करने के थे. घटना के दिन बुलेरो कार में कुल छह लोग सवार थे और इसी दौरान तेज रफ्तार के चलते वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े टैंकर में पीछे से जा टकराया. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो.गई, जबकि बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई.
मुख्य साजिशकर्ता की मौत
इस हादसे में मनमोहन, सिकंदर और विशेष यादव की मौत हो गई, जिन्हें साजिश का मुख्य हिस्सा माना जा रहा है. वहीं वाहन चला रहा प्रिंस और दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है. दुर्घटना की चपेट में आए बाइक सवार साहबजादा और मुमताज की भी जान चली गई.
नत्थू के घर से हुआ खुलासा
मामले की सच्चाई तब सामने आई जब घायल चालक प्रिंस ने पूछताछ के दौरान पुलिस को भटकाने की कोशिश की. उसके जवाबों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने वाहन की जानकारी जुटाई, जिससे पता चला कि बुलेरो फरीदपुर निवासी नत्थू की है. इसके बाद जब पुलिस नत्थू के घर पहुंची तो वहां से अपहृत मनोज को बरामद किया गया और पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया.
जांच में यह भी सामने आया कि मनोज मूल रूप से फरीदपुर का रहने वाला है और फिलहाल अपने परिवार के साथ हरियाणा के गुरुग्राम में रह रहा था. उसकी पत्नी ने चार अप्रैल 2026 को गुरुग्राम के थाना डी-1 में पति और बच्चों के अपहरण की रिपोर्ट पहले ही दर्ज करा दी थी. फिलहाल पुलिस ने चालक प्रिंस और नत्थू को हिरासत में ले लिया है. हरियाणा पुलिस भी बरेली पहुंचकर मामले की तह तक जाने में जुटी हुई है.
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Source: IOCL



























