Deepotsav 2025: दीपों की रोशनी से जगमग हुई अयोध्या, राम की पैड़ी में सीएम योगी ने की आरती
Deepotsav 2025: अयोध्या नौवां दीपोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है, इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी मां सरयू की आरती की.

प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में रविवार (19 अक्टूबर) को 9वां दीपोत्सव बेहद ही भव्य तरीके से मनाया जा रहा है. लाखों दीपों से अयोध्या जगमगा रही है. इस आलौकिक कार्यक्रम के में हिस्सा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में मौजूद हैं. सीएम योगी ने दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी में आरती की. उत्सव की भव्यता जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 51 लाख दीप जलाए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अयोध्या में भगवान राम और सीता के प्रतीकात्मक स्वरूपों का 'राज्याभिषेक' कर नौवें भव्य दीपोत्सव का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना करने के बाद अपने संबोधन में दीपोत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘जब हमने 2017 में अयोध्या धाम में दीपोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया, तो इसके पीछे हमारा उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना था कि वास्तव में दीप कैसे जलाए जाते हैं.’’
सीएम ने अयोध्या में आए बदलावों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अयोध्या में आए बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अयोध्या अब ‘‘विकास और विरासत का अद्भुत संगम’’ प्रस्तुत करता है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट का सामना नहीं करना पड़ रहा है. जहां कभी गोलियां चलती थीं, आज वहां दीप जलाए जा रहे हैं.’’
विपक्ष पर बरसें सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रति विपक्षी दलों के रुख को लेकर उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘‘इसी अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने कहा था कि राम एक मिथक हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं.’’
प्राण प्रतिष्ठा निमंत्रण को अस्वीकारने वालों की अलोचना
उन्होंने पिछले वर्ष हुए राम मंदिर ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के निमंत्रण को कथित रूप से अस्वीकार करने को लेकर भी विपक्षी दलों की आलोचना की. आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘ये वही लोग हैं जो बाबर की कब्र पर सजदा करते हैं, लेकिन जब उन्हें श्रीराम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया जाता है, तो वे निमंत्रण अस्वीकार कर देते हैं.’’
Source: IOCL






















