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प्रयागराज: अतीक के खिलाफ दर्ज 113 मुकदमों की केस डायरी थाने से गायब, मचा हड़कंप

एक तरफ योगी सरकार बाहुबली अपराधियों पर शिकंजा कस रही है तो वहींं अतीक अहमद जैसे डॉन के मुकदमों की फाइल गायब हो गई है. इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.

प्रयागराज. यूपी सरकार एक तरफ बाहुबली अतीक अहमद पर शिकंजा कसने के बड़े -बड़े दावे कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ अतीक से जुड़े एक सौ तेरह मुकदमों की फ़ाइल थाने से गायब हो गई है. मुकदमों की केस डायरी व दूसरे दस्तावेज गायब होने से प्रयागराज पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है. अब कोर्ट के रिकार्ड के सहारे इन फाइलों की डुप्लीकेट कॉपी तैयार करने की कवायद की जा रही है. इस मामले में प्रयागराज पुलिस के अफसरान ने अभी तक न तो कोई एफआईआर दर्ज कराई है और न ही फाइलें गायब होने वाले थाने धूमनगंज के पुलिस वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है. अफसरान पूरे मामले में महकमे का बचाव कर लीपापोती करने में जुटे हुए हैं.

कार्यशैली पर बड़ा सवाल

हालांकि एक ही दिन में दर्ज हुए अठारह साल पुरानी इन एफआईआर को इलाहाबाद हाईकोर्ट रद्द कर चुका है, लेकिन केस डायरी गायब होने की वजह से इन एक सौ तेरह मुकदमों में न तो चार्जशीट दाखिल हो सकी है और न ही फाइनल रिपोर्ट लगी है. यानी सरकारी रिकार्ड में इन मुकदमों का औपचारिक निस्तारण अभी नहीं हो सका है. ऐसे में मुकदमों की फ़ाइल गायब होना प्रयागराज पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है. इस मामले में गलती किन पुलिसवालों की है, यह तय कर पाना थोड़ा मुश्किल इसलिए होगा, क्योंकि मामला अठारह साल पुराना है. फाइलें कब गायब हुईं, यह भी किसी को नहीं पता. इस असली ज़िम्मेदारी अठारह साल पहले मुकदमा दर्ज होने और हाईकोर्ट का आदेश आने के वक्त विवेचक व थाने में तैनात रहे दूसरे पुलिसकर्मियों की है.

एक ही दिन में 113 मामले दर्ज

मुकदमों की फ़ाइल गायब होने का खुलासा अब उस वक़्त हुआ है, जब अतीक के खिलाफ दर्ज हुए पुराने मुकदमों की कुंडली खंगाली जाने लगी है. गौरतलब है कि साल 2002 में यूपी में मायावती की सरकार बनने के बाद अतीक के खिलाफ एक ही दिन में धोखाधड़ी के एक सौ तेरह मुक़दमे दर्ज किये गए थे. 17 सितम्बर 2002 को इलाहाबाद के धूमनगंज थाने में तत्कालीन व्यापार कर अधिकारी एचपी वर्मा और गीता सिंह ने सौ से ज़्यादा मामलों में अतीक के खिलाफ एक सौ तेरह एफआईआर दर्ज कराई थीं. अतीक ने बाद में इन एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ही नेचर के मामले और एक ही आरोपी होने के बावजूद एक एफआईआर दर्ज करने के बजाय एक सौ तेरह केस दर्ज किये जाने को गलत मानते हुए सभी एफआईआर को रद्द कर दिया था.

हालांकि हाईकोर्ट द्वारा एफआईआर रद्द किये जाने का आदेश दिए जाने के बाद भी इन मुकदमों के विवेचक को हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए केस डायरी तैयार कर सम्बंधित मजिस्ट्रेट के यहां फाइनल रिपोर्ट पेश करनी चाहिए थी, लेकिन थाने में मौजूद रिकार्ड के मुताबिक़ ऐसा नहीं किया गया था, क्योंकि उसके कोई रिकार्ड नहीं थे. ऐसा करना इसलिए भी ज़रूरी था क्योंकि एक बार दर्ज एफआईआर सरकारी दस्तावेजों का हिस्सा हो जाती है और कभी भी उसकी ज़रूरत पड़ सकती है.

डुप्लीकेट कॉपी तैयार की जाएगी

इस बारे में प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दीक्षित का कहना है कि डिजिटलाइजेशन न होने से कई बार थानों के बहुत पुराने रिकार्ड या तो खराब हो जाते हैं या फिर फाइलों की भीड़ में गुम हो जाते हैं. उनके मुताबिक़ जांच के बाद ही साफ़ हो सकेगा कि इस मामले में किसी की लापरवाही है भी या नहीं. उनका दावा है कि ऐसे मुकदमों से जुड़े दस्तावेजों की एक कॉपी सीओ ऑफिस और एक कोर्ट में भी होती है. फाइलों को खोजने की कोशिश की जा रही है, अगर नहीं मिलती है तो सीओ आफिस व कोर्ट के दस्तावेजों के सहारे इनकी डुप्लीकेट कॉपी तैयार कराई जाएगी.

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मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट - इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति - धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं. 

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