एएमयू फीस वृद्धि: बहिष्कार जारी, क्लासेज में नहीं गए स्टूडेंट्स, VC का फूंका पुतला
Aligarh Muslim University News: एएमयू परिसर में विरोध प्रदर्शन मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा, जहां छात्रों ने बड़ी संख्या में कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखा.

ऑल इंडिया जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविदयालय (एएमयू) में वार्षिक शुल्क में की गई भारी वृद्धि को तुरंत वापस लेने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है.
मंगलवार को जारी एक बयान में, एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खेहमी ने कहा, ' विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई 36 से 42 प्रतिशत तक की मनमानी और अनुचित शुल्क वृद्धि का छात्र विरोध कर रहे हैं.'
खेहमी ने कहा, 'इस शैक्षणिक सत्र में कुछ पाठ्यक्रमों की फीस में लगभग 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, उदाहरण के तौर पर बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस पाठ्यक्रम की फीस पिछले साल 16,000 रुपये थी और अब इसे बढ़ाकर 22,000 रुपये से अधिक कर दिया गया है.'
बयान के अनुसार, एएमयू प्रॉक्टर वसीम अली ने पुष्टि की है कि विश्वविद्यालय ने विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 500 रुपये से 1,500 रुपये के बीच फीस में वृद्धि की है. उन्होंने दावा किया कि यह मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए है और यह विभिन्न समितियों द्वारा लिया गया एक सामूहिक निर्णय है.
इस बीच, एएमयू प्रवक्ता उमर पीरज़ादा ने मंगलवार को कहा, 'विश्वविद्यालय फीस वृद्धि से संबंधित मुद्दों पर छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए त्वरित कदम उठा रहा है.'
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक प्रपत्र जारी किया है, जिसमें हाल ही में हुई फीस वृद्धि के संबंध में छात्रों (वर्तमान में अध्ययनरत छात्रों) से सुझाव मांगे गए हैं.
फीस वृद्धि के मुद्दे पर सुझाव देने को कहा
मंगलवार को एएमयू ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि फीस वृद्धि के मुद्दे पर हाल ही में नियुक्त समिति के संयोजक प्रोफेसर एम असमर बेग ने वास्तविक छात्रों से अपनी मांगों का उल्लेख करते हुए एक प्रपत्र भर कर फीस वृद्धि के मुद्दे पर सुझाव देने को कहा है.
पत्र में सरकार से शुक्रवार को बाब ए सर सैयद गेट पर प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित हमले और ज्यादतियों की जांच का आदेश देने का भी आग्रह किया गया है. प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान धरना स्थल पर कथित तौर पर घसीटा गया था.
एसोसिएशन ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि पिछले सात वर्षों से एएमयू में कोई निर्वाचित छात्र संघ नहीं होने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन किसी भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को दबा देता है.
छात्र संघ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से एएमयू के विभिन्न छात्रावासों की दयनीय स्थिति की जांच करने का भी आग्रह किया है, जहां हजारों छात्र 'अत्यधिक भीड़भाड़ वाले छात्रावासों में रह रहे हैं, और वहां साफ-सफाई एवं स्वच्छता का अभाव है.'
इस बीच, एएमयू परिसर में विरोध प्रदर्शन मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा, जहां छात्रों ने बड़ी संख्या में कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखा.
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रविवार को, प्रदर्शनकारी छात्र अपना अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने के लिए बाब-ए-सैयद गेट पर एकत्र हुए थे.
वे भारी शुल्क वृद्धि को वापस लेने, काफी समय से लंबित छात्र संघ चुनाव कराने और इस संकट के लिए कथित रूप से ज़िम्मेदार विश्वविद्यालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने की मांग कर रहे हैं.
विपक्षी दलों के कई सांसदों ने एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून को पत्र लिखकर शुक्रवार को पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की. यह कार्रवाई उस वक्त की गई, जब प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर सामूहिक जुमे की नमाज़ अदा कर रहे थे.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने कुलपति का पुतला फूंका
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने मंगलवार को कुलपति नईमा खातून का पुतला फूंका. इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने एएमयू के प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों को समर्थन देने की घोषणा की है.
मंगलवार को प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला और खातून का पुतला फूंका. प्रदर्शनकारी छात्र भारी शुल्क वृद्धि को वापस लेने, छात्र संघ चुनाव कराने और इस संकट के लिए कथित रूप से जिम्मेदार विश्वविद्यालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. छात्र संघ चुनाव पिछले आठ वर्षों से नहीं हुए हैं.
सांसदों ने खातून को पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की
शुक्रवार को परिसर में प्रदर्शनकारियों पर उस समय कथित पुलिस कार्रवाई की गई जब उनमें से कई धरना स्थल पर नमाज अदा कर रहे थे. इस पर कई विपक्षी सांसदों ने खातून को पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की है.
एसकेएम ने एएमयू के विद्यार्थियों का समर्थन करते हुए एक बयान में कहा कि वह उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में बुधवार को यहां आयोजित होने वाले ‘विरोध दिवस’ के प्रदर्शन में किसानों के साथ-साथ विद्यार्थियों के मुद्दों को भी उठाएगा.
मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शशिकांत ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि एसकेएम शुक्रवार दोपहर परिसर में प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों पर पुलिस की कथित कार्रवाई की जांच चाहता है.
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Source: IOCL





















