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इलाहाबाद हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, कहा- 'पोस्ट ऑफिस की तरह काम कर रही हैं निचली अदालतें'

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के रवैये पर उन्हें फटकार लगाई है. इसके साथ ही कानूनसंगत फैसला करने को लेकर सलाह देते हुए पोस्ट ऑफिस की तरह काम नहीं करने की सलाह दी है.

Prayagraj News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के लचर व्यवहार को लेकर फटकार लगाई है. हाईकोर्ट ने हाथरस के एक मामले में सुनवाई करते हुए जिला अदालतों को पुलिस विवेचना पर आंख बंद कर भरोसा करने और पोस्ट ऑफिस की तरह काम न करने की सलाह दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की यह टिप्पणी हाथरस में याचियों की आपत्तियों को खारिज करने के एक मामले में दी गई है.

जानकारी के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस नीरज तिवारी की सिंगल बेंच ने हाथरस से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए यह टिप्पणी की है. दरअसल हाथरस के याची संजीव रावत ने सीजेएम हाथरस की अर्जी को खारिज करने वाले आदेश को चुनौती देने वाली याचिका दायर की है. जिसे स्वीकार करते हुए जस्टिस नीरज तिवारी ने यह तल्ख टिप्पणी की है.

सीजेएम कोर्ट पर तल्ख हाईकोर्ट

दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों की ओर से दायर आरोप पत्र पर भरोसा जताने और हाथरस जिला अदालत में दायर याचिका को खारिज करने पर कड़ी आपत्ति जताई है. हाईकोर्ट का कहना है कि जिला अदालतें दायर याचिका पर फैसला सुनाते समय नियमों और कानून का पालन करें.

आंशिक तौर पर स्वीकार की याचिका

बता दें कि हाथरस के संजीव रावत ने याचिका दाखिल की है. जिसे हाईकोर्ट ने आंशिक तौर पर स्वीकार किया है. याचिकाकर्ता संजीव रावत और उनके भाई अशोक रावत को भू माफिया का करीबी बताकर उन पर 200 करोड़ रुपए की जमीन हड़पने का आरोप लगा था. इनके खिलाफ घर में घुसकर धमकाने की एफआईआर हाथरस कोतवाली में दर्ज हुई थी.

जस्टिस नीरज तिवारी ने की सुनवाई

जिसके बाद संजीव रावत ने दोष मुक्त होने के लिए एक याचिका जिला अदालत में लगाई, जिसे सीजेएम कोर्ट ने पुलिस विवेचना के आधार पर खारिज कर दिया. फिलहाल अब संजीव रावत ने सीजेएम हाथरस की अर्जी को खारिज करने वाले आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है. जिस पर जस्टिस नीरज तिवारी की सिंगल बेंच ने सुनवाई करते हुए उसे आंशिक रूप से स्वीकार किया है.

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मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट - इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति - धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं. 

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