अलीगढ़ में करणी सेना के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, जमकर हुई नारेबाजी
UP News: सपा सांसद रामजी लाल सुमन के समर्थन में सपा कार्यकर्ताओं ने अलीगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर में करणी सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने करणी सेना का पुतला फूंकने की कोशिश की.

Aligarh Protest: अलीगढ़ जिला कलेक्ट्रेट पर आज का दिन राजनीतिक उथल-पुथल का गवाह बना, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया. यह विरोध प्रदर्शन राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिन्होंने हाल ही में महाराणा सांगा पर एक बयान दिया था जिसे करणी सेना ने आपत्तिजनक बताया था.
दरअसल पूरा मामला जिला अलीगढ़ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह करीब 10 बजे से ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भीड़ कलेक्ट्रेट के पास जुटने लगी. हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने "रामजीलाल सुमन ज़िंदाबाद" और "करणी सेना मुर्दाबाद" के नारे लगाना शुरू कर दिए. गर्मी के बावजूद कार्यकर्ताओं में जोश की कोई कमी नहीं थी.
कई जिलों से आए सपा पदाधिकारियों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया, जिससे माहौल और भी ऊर्जावान हो गया. पार्टी नेताओं ने दावा किया कि यह प्रदर्शन एक विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन में है. सपा के जिला अध्यक्ष ने कहा, "रामजीलाल सुमन ने जो कहा, वह ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है. इसे तोड़-मरोड़कर पेश करना गलत है. हम उनके साथ खड़े हैं."
करणी सेना का पुतला फूंकने की कोशिश
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता करणी सेना के विरोध में पुतला लेकर आए. उन्होंने जैसे ही पुतले को आग लगाने की कोशिश की, पुलिस ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की. इसी बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त फोर्स बुलाया. डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला और सपा नेताओं से बातचीत करके कार्यकर्ताओं को शांत करने का प्रयास किया.
सपा कार्यकर्ताओं की मांगें
प्रदर्शनकारियों में सपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह धनगर व राष्ट्रीय सचिव खालिद हमीद की मांग थी कि करणी सेना सांसद रामजीलाल सुमन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और उन्हें धमकी देना बंद करे. सपा नेताओं का कहना था कि जब एक जनप्रतिनिधि ऐतिहासिक संदर्भ में अपनी बात कहता है, तो उसका विरोध करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. "अगर किसी को कोई आपत्ति है, तो वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात कहे. धमकी देना और पुतले जलाना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है."
सड़क पर असर और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन के चलते अलीगढ़ कलेक्ट्रेट के आसपास का यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. कई मार्गों को डायवर्ट करना पड़ा और जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई. पुलिस ने सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए थे. अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. लोगों को असुविधा तो हुई, लेकिन स्थानीय नागरिकों में प्रदर्शन के मकसद को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली.
बीजेपी ने सपा पर लगाया सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप
वहीं भाजपा नेताओं ने सपा पर आरोप लगाया कि वह सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "सपा नेताओं को संयम बरतना चाहिए. यदि उन्हें कोई आपत्ति है तो उसे कानूनी और शांतिपूर्ण तरीकों से व्यक्त करें." वहीं करणी सेना की ओर से भी बयान आया कि वे सुमन के बयान को महाराणा सांगा का अपमान मानते हैं और उनका विरोध जारी रहेगा.
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Source: IOCL
























