ईद से पहले यूपी के इस जिले में मुस्लिम परिवारों के बेघर होने का खतरा, प्रशासन ने थमाया नोटिस
UP News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार ईद के अवसर पर मुस्लिम परिवारों को 'ईद किट' बांटने की घोषणा की थी. सरकार का दावा था कि यह पहल मुस्लिम समुदाय की भलाई और सहूलियत के लिए की जा रही है.

Aligarh News: ईद मुसलमानों के लिए सबसे बड़े त्यौहारों में से एक है, जिसे बड़े ही हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है. लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में कई मुस्लिम परिवारों के लिए ईद की खुशियां फीकी पड़ती नजर आ रही है. वजह यह है कि प्रशासन द्वारा 1000 से अधिक मुस्लिम लोगों को घर खाली करने का नोटिस थमा दिया गया है.
इस फैसले के चलते प्रभावित परिवारों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है. जिन घरों में दशकों से लोग रह रहे थे, उन्हें अचानक बेदखल करने का फरमान सुना दिया गया है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब ईद का त्यौहार नजदीक है, तब इन परिवारों के लिए यह मुश्किल हालात कैसे हल होंगे?
ईद की किट और घर उजाड़ने की कार्रवाई पर विवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार ईद के अवसर पर मुस्लिम परिवारों को 'ईद किट' बांटने की घोषणा की थी. सरकार का दावा था कि यह पहल मुस्लिम समुदाय की भलाई और सहूलियत के लिए की जा रही है. लेकिन इसी बीच अलीगढ़ में जबरन घर खाली कराने के नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर आगा यूनुस ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की.
आगा यूनुस का कहना है कि एक तरफ प्रधानमंत्री मुसलमानों के हित की बात कर रहे हैं और ईद किट बांट रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ भू-माफियाओं के इशारे पर प्रशासन मुस्लिम परिवारों को उनके घरों से बेदखल करने में लगा हुआ है. उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस फैसले के पीछे कुछ दबंगों का हाथ है, जो वर्षों से बसे मुस्लिम परिवारों को परेशान करना चाहते हैं.
40-50 सालों से रह रहे लोगों को अचानक क्यों मिल रहा है नोटिस
अलीगढ़ के चिलकौरा गांव में प्रशासन ने कई घरों पर नोटिस चस्पा किए हैं, जिनमें साफ तौर पर कहा गया है कि इन परिवारों को 15 दिनों के भीतर मकान खाली करना होगा. यदि वे निर्धारित समय में मकान खाली नहीं करते, तो उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाएगा. इस नोटिस के बाद प्रभावित परिवारों के बीच अफरातफरी मच गई है. वे लोग, जो दशकों से यहां रह रहे थे, अचानक बेघर होने की आशंका से सहमे हुए हैं.
इन परिवारों का कहना है कि उनके पास जमीन के सारे वैध दस्तावेज (बैनामा) मौजूद हैं, फिर भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. पीड़ित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन कुछ बाहरी लोगों के दबाव में आकर यह कार्रवाई कर रहा है. इन परिवारों ने जिलाधिकारी अलीगढ़ संजीव रंजन से मिलकर अपनी पीड़ा व्यक्त की और न्याय की गुहार लगाई.
क्यों दिया गया है नोटिस
चिलकोरा गांव में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से जारी किए गए नोटिस में 15 दिन का समय दिया गया है. जिसमें बताया गया है यह जमीन ग्राम समाज की जमीन है. जिस पर लोगों के द्वारा अपने घर बना लिए गए हैं. चारागाह और ग्राम समाज की जमीन पर कोई भी निर्माण करना वैध नहीं है. यही कारण है उनको यह नोटिस दिया गया है.
पूरे मामले पर अलीगढ़ जिलाधिकारी संजीव रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ लोग जमीन के मामले को लेकर अपनी शिकायत लेकर उनके कार्यालय पर आए हुए थे. पूरे मामले में जांच पड़ताल की जा रही है. मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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Source: IOCL





















