'मुसलमानों को धमका रहे हैं...', संभल CO के बयान पर भड़के AIMIM नेता शादाब चौहान
Sambhal News In Hindi News: संभल सीओ बयान को AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने मुसलमानों को धमकाने वाला बताया है. बता दें कि संभल का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है.

संभल पुलिस के एक पुलिस अधिकारी के एक बयान ने राजनीतिक हल्कों में तहलका मचा दिया है, संभल सीओ ने कुलदीप कुमार ने शांति समिति की बैठक में कहा, "कुछ लोग ईरान के लिए कुछ छाती पीट रहे हैं कि ईरान को मार डाला, अगर इतना कुछ है तो चले जाओ ईरान. अगर उस झगड़े का हमारे देश में कानून व्यवस्था पर असर होगा तो हम बढ़िया वाला इलाज करेंगे." संभल सीओ के बयान पर AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कड़ी आपत्ति जताई है.
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि, "संभल सीओ का पीस बैठक का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक तरीके से मुसलमानों को धमका रहे हैं." AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि, "उनका (संभल सीओ) काम कानून का पालन करवाना है, अगर कोई व्यक्ति कानून हाथ में लेता है तो मुकदमा दर्ज वैधानिक कार्रवाई करें."
'सीओ ट्रैवल एजेंसी कब से खोल कर बैठ गए?'
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि, "कौन छाती पीटे, ईरान चले जाएं, वे ट्रैवल एजेंसी कब से खोल कर बैठ गए? वे कैसे तय करेंगे कि किस गम पर किसे इजहार करना है?" उन्होंने पूछा है कि, "क्या इस पर संविधान में पाबंदी लगाई है या भारत सरकार ने इस पर कोई गाइडलाइन जारी की है?"
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि, "खुद विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के बाद उनके मेजर से मिले, मैं खुद AIMIM की तरफ से उनके ( अयातुल्ला अली खामेनेई) के मेजर से मिले तो क्या हम देश द्रोही हो गए?"
'गम का इजहार करना किस धारा में है अपराध?'
उन्होंने सवाल उठाया है कि, "क्या किसी देश के सर्वोच्च नेता की मौत पर गम का इजहार करना कौन सी धारा के तहत अपराध है?". उन्होंने यह भी कहा है कि पुलिस में बहुत से अच्छे लोग हैं, लेकिन कुछ लोग लोकप्रियता हासिल करने के लिए कानून का दुरुपयोग करते है.
उन्होंने कहा कि, "ऐसे ही लोगों के लिए अंबेडकर जी ने कहा था कि कितना भी अच्छा कानून बना लीजिये, अगर उसे लागू करवाने वाले लोग बुरे होंगे तो अंत में बुरा ही साबित होगा." उन्होंने कहा कि, हम लोग संविधान पर विश्वास रखने वाले लोग हैं और AIMIM किसी भी असंवैधानिक भाषा या आमर्यादित भाषा और कानून के दुरुपयोग का विरोध करती है. अगर कोई कानून हाथ में लेता है तो तत्काल कार्रवाई की जा सकती है और उस पर मुकदमा दर्ज किया जा सकता है.
'अपराध नियंत्रण होता है खाकी का काम'
उन्होंने कहा कि, जिस बात को देश का प्रधानमंत्री नहीं बोलता है, देश की सरकार नहीं बोलती है, प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बोलता है, वह बोलने वाले आप (संभल सीओ) कौन होते हैं. उन्होंन यह भी कहा कि, खाकी का काम कानून का पालन करवाना होता है, अपराध पर नियंत्रण करना होता है और वैधानिक कार्रवाई करना होता है. अपने विचारों को व्यक्त करने की अनुमति संविधान देता है. अगर मर्यादा के बाहर जाकर कोई काम करता है तो आप मुकदमा दर्ज कर सकते हैं.
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Source: IOCL

























