'एक ज्ञानेश कुमार जाएंगे तो...', विरोध के बीच AIMIM नेता का बड़ा बयान
यूपी AIMIM के अध्यक्ष शौकत अली ने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन से लेकर यूपी में गठबंधन समेत तमाम मुद्दों पर खुलकर बात की. शौकत अली ने कहा कि एक ज्ञानेश कुमार जाएंगे तो दूसरे ज्ञानेश आएंगे.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन पर एआईएमआईएम नेता शौकत अली का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि एक ज्ञानेश कुमार को हटाने से कुछ नहीं होगा. लड़ाई किसी एक व्यक्ति नहीं है बल्कि पूरा सिस्टम ही बदलना चाहिए. शौकत अली ने कहा कि इंडिया गठबंधन AIMIM को अछूत समझता है. हमें किसी मीटिंग में नहीं बुलाया जाता है.
यूपी AIMIM के अध्यक्ष शौकत अली मुरादाबाद पहुंचे थे, जहां उन्होंने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन से लेकर यूपी में गठबंधन समेत तमाम मुद्दों पर खुलकर बात की. शौकत अली ने कहा कि एक ज्ञानेश कुमार जाएंगे तो दूसरे ज्ञानेश आएंगे. लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं सिस्टम से होनी चाहिए. ये सिस्टम सही होना चाहिए.
इंडिया ब्लॉक पर साधा निशाना
इंडिया गठबंधन को लेकर शौकत अली ने कहा कि AIMIM को अछूत समझा जाता है. हमें इंडिया ब्लॉक की किसी मीटिंग में नहीं बुलाया जाता और न हमें उसमें शामिल किया जाता है. लेकिन, जब प्रदर्शन की बात आती है तो वो लोग ओवैसी साहब को याद करते हैं. उन्होंने कहा कि जब CAA, NRC, तीन तलाक और वक़्फ़ को बचाने के लिए प्रदर्शन हो रहे थे तब ये इंडिया गठबंधन के नेता कहाँ थे?
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जब हमारी पार्टी संसद में SIR को लेकर लड़ाई लड़ रही थी, तब ये नेता वाकआउट कर भाग गए थे. जब ये कानून बन रहा था तब ये गायब थे. प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए. क्या धर्मेंद्र प्रधान के हटने से शिक्षा के सिस्टम के कोई बदलाव आया आप बताइए.
बांग्लादेश-नेपाल से तुलना पर कही ये बात
शौकत अली ने कहा कि लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन जनता का मौलिक अधिकार है लेकिन, प्रदर्शन पूरी तरह संवैधानिक तरीके से होने चाहिए है. बांग्लादेश या नेपाल से देश की तुलना को खारिज करते हुए उन्होंने भारत के संविधान को दुनिया का सबसे खूबसूरत संविधान बताया और कहा कि एक अधिकारी के हटने से व्यवस्था नहीं बदलती है.
एआईएमआईएम नेता ने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि AIMIM उत्तर प्रदेश में तीसरी बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार को रोकने के लिए गठबंधन करने को तैयार है ताकि सेक्युलर वोटों का नुकसान न हो. मुसलमानों को गरबा, शराबखाने, जुएखाने और रामलीला जैसे गैर-इस्लामी आयोजनों से दूर रहने की नसीहत देते हुए अपनी मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में जाकर दीन सीखने की बात कही है.






















