पत्नी चाहती थी पैदा हो बेटा, दूसरी बेटी पैदा होने पर छोड़ दिया पति का साथ, जानें पूरा मामला
Agra Husband Wife Dispute: आगरा में परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा पति- पत्नी का विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है. यह विवाद पती-पत्नी के बीच दूसरी बेटी के पैदाइश से शुरू हुआ.

Agra News Today: आगरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बेटे की चाह में एक पत्नी अपनी पति को छोड़ दिया. यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला परामर्श केंद्र तक पहुंच गया और अब दोनों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है. ये मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.
महिला गर्भवती थी और वह चाहती थी कि उसे बेटा पैदा हो, लेकिन ख्वाहिशों के उलट उसे बेटी पैदा हुई. बेटे की जगह बेटी पैदा होने से महिला इतनी नाराज हो गई कि वह इसके लिए अपने पति को ही जिम्मेदार ठहराने लगी. इस बात को लेकर पति- पत्नी में खूब विवाद हुआ. जिसके बाद महिला पति को छोड़कर मायके चली गई.
पति-पत्नी की पहले से है बेटी
यह विवाद परिवार परामर्श केंद्र के पास पहुंच गया है. जहां काउंसलिंग के लिए पति- पत्नी दोनों को बुलाया गया और दोनों पक्षों को सुना गया. दोनों की शादी साल 2022 में हुई थी और पहले से उनकी एक बेटी है. पत्नी चाहती थी कि अब जो बच्चा पैदा हो वह बेटा हो, लेकिन बेटी पैदा हो गई.
दोबारा बेटी पैदा होने पर महिला पति से नाराज हो गई और उसे छोड़कर चली गई. पति-पत्नी का विवाद जब काफी बढ़ गया तो इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. जिसके बाद काउंसलिंग के लिए मामले को परिवार परामर्श केंद्र में ट्रांसफर कर दिया गया, जहां मामले की सुनवाई शुरू हो गई है.
अक्सर कर मामलों में देखा गया है कि बेटी पैदा होने पर महिला को जिम्मेदार ठहराया जाता है और उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, लेकिन यहां उलटा हो गया. महिला ने बेटी पैदा होने पर पति को जिम्मेदार ठहराने लगी. महिला पिछले दो महीने से ससुराल छोड़कर मायके में रह रही है.
'मैं चाहती थी बेटा पैदा हो'
आगरा के परिवार परामर्श केंद्र में आए अजीबोगरीब मामले की खूब चर्चा हो रही है. काउंसलिंग के दौरान महिला ने बताया कि उनकी शादी 2022 में हुई है, उन्हें पहले से एक बेटी है. ऐसे में वह चाहती थी कि बेटा पैदा हो लेकिन बेटी पैदा हो गई. इसको लेकर पति से विवाद हो गया.
परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर डॉक्टर सतीश खिरवार ने महिला को बड़ी बारीकी से समझाया. इसके बाद महिला को पुलिस अधिकारियों ने भी खूब समझाया कि बेटा या बेटी पैदा होने के लिए महिला पुरुष जिम्मेदार नहीं होते हैं. काफी समझाने के बाद महिला मान गई.
काउंसलिंग पूरी होने पर पति-पत्नी दोनों एक हो गए. परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलिंग में पति-पत्नी दोनों में समझौता कराया गया और वह खुशी-खुशी अपने घर चले गए. काउंसलिंग पूरी होने के बाद पति-पत्नी ने वादा किया कि वे इस मामले में झगड़ा नहीं करेंगे.
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Source: IOCL

























