टीकाराम जूली का Gen-Z से संवाद, छात्रों ने पेपर लीक-रोजगार पर पूछे सवाल
Jaipur News: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रविवार को जयपुर की गांधी वाटिका में युवाओं के साथ संवाद किया. इस कार्यक्रम में करीब 100 युवाओं ने हिस्सा लिया.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर Gen-Z युवाओं के आंदोलन के बाद अब राजनीतिक दलों की नजरें युवाओं पर टिक गई हैं. युवाओं के मुद्दों को लेकर सियासी सक्रियता बढ़ती दिख रही है. इसी कड़ी में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रविवार को जयपुर की गांधी वाटिका में युवाओं के साथ संवाद किया.
‘People for Democracy’ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 100 युवाओं ने हिस्सा लिया. स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और युवाओं के विभिन्न समूहों ने पेपर लीक, रोजगार, AI, स्कूलों की बदहाली, भ्रष्टाचार और राजनीति में युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर जूली से सीधे सवाल किए.
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संवाद में प्रमुख रहा पेपर लीक का मुद्दा
‘India @ 80’ थीम पर हुए संवाद में पेपर लीक का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा. NEET की तैयारी कर रही रामगंज निवासी आयशा ने सवाल किया कि बार-बार पेपर लीक होने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहे और पेपर लीक रोकने की क्या गारंटी है.
इस पर जूली ने कहा कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे. उन्होंने कहा कि व्यवस्था की नाकामी का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए. जूली ने कहा कि कांग्रेस राजस्थान में सत्ता में आती है तो देशभर की एजेंसियों और विशेषज्ञों की मदद लेकर पेपर लीक रोकने की बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाएगा, ताकि भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक के कारण रद्द न हों.
छात्रों को AI की पेड सुविधा दिलाने का वादा
युवाओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और रोजगार पर उसके असर को लेकर भी सवाल किए. जूली ने कहा कि कई AI टूल्स पेड सब्सक्रिप्शन पर उपलब्ध हैं, जिन्हें हर छात्र खरीद नहीं सकता. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आती है तो विद्यार्थियों को AI टूल्स के पेड सब्सक्रिप्शन तक पहुंच दिलाने के लिए सरकारी स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा.
उन्होंने जयपुर को AI और IT हब के रूप में विकसित करने की जरूरत बताते हुए कहा कि राजधानी में नई तकनीक आधारित सिटी या हब विकसित करने पर काम किया जा सकता है.
45 हजार से ज्यादा स्कूलों में मरम्मत की जरूरत का दावा
संवाद के दौरान सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठा. जूली ने दावा किया कि राजस्थान के 45 हजार से ज्यादा स्कूलों में मरम्मत की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बच्चों को असुरक्षित कक्षाओं में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. उन्होंने इन मुद्दों को विधानसभा में उठाने का भरोसा दिया.
सरकारी नौकरी से आगे बढ़ने की जरूरत
जूली ने कहा कि सरकारी नौकरियों में उपलब्ध पदों और उनकी तैयारी करने वाले युवाओं की संख्या में बड़ा अंतर है. ऐसे में रोजगार का समाधान सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं हो सकता. उन्होंने कौशल विकास, मानव संसाधन विकास, उद्योगों के विस्तार और छोटे व्यवसायों-कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया.
युवाओं को राजनीति में आने का न्योता
राजनीति में युवाओं की भागीदारी के सवाल पर जूली ने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिक अवसर देने पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने युवाओं से सार्वजनिक जीवन में आने का आह्वान करते हुए कहा कि राजनीति सेवा है, इसे व्यवसाय समझकर राजनीति में नहीं आना चाहिए. उन्होंने युवाओं को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए भी आमंत्रित करने की बात कही.
जूली ने गांधी वाटिका में महात्मा गांधी की प्रतिमा का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज लोकतंत्र को मजबूत करती है और उनके सवालों को विधानसभा तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है.
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