Rajasthan Politics: गहलोत सरकार ने कराया भागवत कथा का आयोजन, बीजेपी का निशाना- ये सिर्फ दिखावा
Bhagwat Katha: राजस्थान में सरकारी स्तर पर महाशिवरात्रि के दिन से एक हफ्ते तक कांग्रेस ने भागवत कथा का आयोजन कराया है. भाजपा ने कांग्रेस के प्रयास पर तंज कसा है.

Rajasthan Government Bhagwat Katha: राजस्थान में विधानसभा का चुनाव अगले साल होनेवाला है. लेकिन राजनीतिक दल वोटरों को साधने के लिए अभी से जुट गए हैं. बीजेपी को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ''सॉफ्ट हिंदुत्व'' का सहारा लेती नजर आ रही है. अशोक गहलोत की सरकार ने भागवत कथा का आयोजन कराया है. राजस्थान सरकार की कवायद पर भारतीय जनता पार्टी ने तंज कसा है. उसने कहा है कि प्रो मुस्लिम छवि को ठीक करने की पार्टी कोशिश कर रही है. कांग्रेस का मानना है कि भागवत कथा के आयोजन से शांति और सद्भावना बढ़ेगी लेकिन बीजेपी का आरोप है कि सरकार नाकामियों से ध्यान भटकाने की चाल चल रही है.
राजस्थान में कांग्रेस की सरकार चली 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की राह
राजस्थान में पहली बार देवस्थान विभाग कथा का आयोजन करा रहा है. महाशिवरात्रि के दिन से शुरू हुई भागवत कथा हफ्ते भर तक चलेगी. भागवत कथा का आयोजन जयपुर के एक मंदिर में किया गया है. देवस्थान विभाग की मंत्री शकुंतला रावत ने कलश यात्रा में शिरकत की. उन्होंने बताया कि कथा का आयोजन राज्य की भलाई और समृद्धि के लिए किया गया है. शकुंतला रावत ने और ऐसे धार्मिक आयोजन की वकालत भी की. बजट पेश करते वक्त मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और शांति सद्भावना की बात की थी.
देवस्थान विभाग की मंत्री ने कहा कि अभी तो शुरुआत है आने वाले दिनों में सुंदर कांड, राम कथा और धार्मिक कार्यक्रम बड़े मंदिरों में होंगे. विपक्ष के तंज पर रावत ने कहा कि कांग्रेस सभी धर्मों का आदर करने में विश्वास करती है. धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत राजनीति से जुड़ी नहीं है बल्कि राज्य की शांति और समृद्धि के लिए है. बीजेपी हमेशा जाति और नाम के आधार पर बांटने की राजनीति करती है. नाम अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन शक्ति एक है.
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बीजेपी के वरिष्ठ नेता वासुदेव देवनानी ने कहा कि जब से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने मंदिर जाना, जनेऊ पहनना और तिलक लगाना, भगवा धारण करना शुरू किया है, तब से राजस्थान में भी नौटंकी की जा रही है. कांग्रेस की मंशा मुसलमानों और अल्पसंख्यकों के लिए कुछ भी करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदुओं के लिए दिखावा कर रही है. इससे किसी को फर्क नहीं पड़ने वाला है. जनता को पता है कि कांग्रेस के नेता क्या सोचते हैं और क्या करते हैं. कांग्रेस नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है.
हिंदू वोटरों को लुभाने में कांग्रेस नहीं होगी कामयाब-BJP
धार्मिक आयोजन से कांग्रेस लुभाने में कामयाबी नहीं मिलेगी. कांग्रेस अब संतुलन बनाना चाहती है लेकिन उसकी आत्मा हिंदुओं के साथ नहीं है. नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति में 70 साल पूरे कर लिए. आज उसका पतन हो रहा है. इस कारण मन में डर बढ़ गया है. तुष्टिकरण की राजनीति और भ्रष्टाचार के कारण कांग्रेस किनारे लग चुकी है. अब नाटक करना पड़ रहा है, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को तिलक लगाना पड़ रहा है, भगवा पहनना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू समाज को लुभाने के लिए किया जा रहा है.
कांग्रेस सरकार की मंशा नंदी शाला पर साफ हो जाती है. सरकार ने 2019-20, 21-22 और 22-23 के बजट में घोषणा की थी लेकिन एक भी जमीन पर नहीं उतरी है. हमारी तरफ से रजिस्ट्री पर सेस लगाकर बजट में प्रावधान किया गया, कांग्रेस के पास बजट भी है लेकिन नंदी शाला स्थापना का काम काम नहीं हो रहा है. अब सरकार बता रही है कि किसी एनजीओ के जरिए काम शुरू किया जाएगा.























