Udaipur News: उदयपुर में भारी बारिश के साथ वायरल फीवर का अटैक, मानें डॉक्टर की ये सलाह
उदयपुर में सरकारी हॉस्पिटलों में लंबी कतारें लगी हुई है. बुखार, उल्टी और दस्त के ज्यादा मरीज आ रहे हैं. डॉक्टर का यह भी कहना है कि यह कोरोना नहीं मौसमी बीमारी है.

Rajasthan News: राजस्थान में इस बार मानसून जाने से पहले बारिश का कोटा पूरा हो गया है. लगभग हर शहर और कस्बों में भारी बारिश हो रही है. इससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. साथ ही इस परेशानी के साथ लोगों को वायरल के अटैक से भी जूझना पड़ रहा है. हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या दोगुना हो गई है. कह सकते हैं कि त्राहि मची हुई है. सरकारी हॉस्पिटलों में लंबी कतारें लगी हुई है. बुखार, उल्टी और दस्त के ज्यादा मरीज आ रहे हैं. डॉक्टर का यह भी कहना है कि यह कोरोना नहीं मौसमी बीमारी है और जरूरत पड़ने पर कोरोना टेस्ट भी किया जा रहा है.
1200 तक पहुंची मरीजों की संख्या
उदयपुर शहर स्थित संभाग के सबसे बड़े महाराणा भूपाल चिकित्सालय की बात करें तो यहां कुछ दिन पहले तक रोजाना 700 की ओपीडी थी लेकिन अब बढ़कर 1200 तक पहुंच गई है. हालात यह है कि अवकाश का दिन छोड़े तो यहां ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहता है. सोमवार को हालात यह हो गए थे कि ओपीडी खत्म होने के समय भी मरीजों की भीड़ लगी हुई थी. फिर भी डॉक्टर ने एक्स्ट्रा समय लेकर सभी का उपचार किया. इसमें बड़े ही नहीं बच्चे भी चपेट में आ रहे हैं. कोरोना की बात करें तो उदयपुर में सोमवार को 16 केस आए जबकि 350 से ज्यादा सैम्पल लिए थे. इसलिए भी माना जा रहा है कि यह कोरोना का प्रकोप नहीं है. उदयपुर के 6 सरकारी हॉस्पिटल को देखे तो 6000 की ओपीडी चल रही है जबकि 4000 तक ही होती है. यहीं नहीं लगभग सभी बेड फुल चल रहे हैं.
खाने-पीने का विशेष ध्यान रखें
रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल लाखन पोसवाल ने कहा कि उल्टी, दस्त, स्क्रब टाइफस और मलेरिया के मरीज आ रहे है. मानसून का सीजन है जिससे पानी हर तरफ इकट्ठा रहता है. ऐसे में बैक्टीरिया और मच्छर ज्यादा होने के कारण बीमारियां ज्यादा होती है. ऐसे में पानी उबालकर पीए और बाहर का खाना न खाए. इकट्ठे पानी मे दवाई का छिड़काव करें.
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Source: IOCL


























