Kota: चाची ने ही भतीजे को पानी की टंकी में डूबोकर मार डाला, कब्र से निकालकर हुआ डेढ साल के मासूम का पोस्टमार्टम
बच्चे के पिता की कोटा नगर निगम में उनके पिता की जगह नौकरी लग गई थी, जबकी हत्या करने वाली चाची अपने पति को सरकारी नौकरी पर लगवाना चाहती थी. इसके चलते बैर हत्या की वजह बना.

एक नन्हें मासूम को पानी की टंकी में डूबोकर मारने वाली कोई और नहीं बल्कि उसकी ही चाची निकली. राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) की रामपुरा पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करते हुए आरोपी सोबिया अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है. अपनों के ही अपनों को मौत के घाट उतारने के इस मामले में कोटा में कई विरोध प्रदर्शन हुए. डेढ वर्ष के अबीर अंसारी को मारने के पीछे का कारण बच्चे के परिवार से बैर रखना था. बच्चे अबीर के पिता इमरान की कोटा नगर निगम में उनके पिता की जगह नौकरी लग गई थी, जबकी हत्या करने वाली चाची सोबिया अपने पति जिशान को सरकारी नौकरी पर लगवाना चाहती थी.
कैसे दी वारदात को अंजाम
जब उसके पति की नौकरी नहीं लगी तो उसने बच्चे को मारने का प्लान बनाया और कुछ बच्चों को चम्बल नदी में अबीर को डूबोकर मारने का लालच दिया, लेकिन बच्चे नहीं माने. उसके बाद अबीर को घर में ही मारने का प्लान बनाया और खेलते हुए नन्हें अबीर को परिवार के तीन बच्चों को छत पर ले जाने के लिए कहा और वहां सोबिया भी पीछे से पहुंच गई और पानी की टंकी का ढक्कन खोलकर मासूम को उसमें डाल दिया जिससे उसकी मौत हो गई. दिल दहला देने वाली इस घटना से पूरे समाज और शहर में आक्रोश था. पुलिस पर भी घटना को खोलने का दबाव था. ऐसे में इस ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने खुलासा कर दिया.
रीति रिवाज से दफना दिया गया
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण जैन ने बताया कि सोबिया ने बच्चे को मारने का प्लान तब बनाया जब घर में कोई नहीं था. उसने बच्चे को छत पर रखी पानी की टंकी में डूबोकर उसकी हत्या कर दी. बच्चे को सभी जगह ढूंढा गया तो वह पानी की टंकी में मिला. उसे तत्काल अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उसके बाद बच्चे को कब्रिस्तान में रीति रिवाज के अनुसार दफना दिया गया.

कैसे हुआ खुलासा
जब मृतक बच्चे के नाना सहित परिवार के लोग बच्चे को रात करीब एक बजे कब्रिस्तान में दफनाकर आए और बतचीत की तो सामने आया कि बच्चा पानी की टंकी तक कैसे पहुंचा. घुटने पर चलने वाला अबीर सीढ़ी पर कैसे चढा. पानी की टंकी का ढक्कन लगा हुआ था तो वह उसे कैसे खोला. ये सभी प्रश्न उनके मन में उठ रहे थे. सुबह आईजी को परिवाद दिया और कोर्ट के आदेश पर कब्र से अबीर के शव को बाहर निकालकर मेडिकल बोर्ड से कब्रिस्तान में ही पोस्मार्टम किया गया. उसके बाद मामले का खुलासा हुआ.
एएसपी ने क्या बताया
अतिरिक्त शहर पुलिस अधीक्षक प्रीवण जैन ने बताया कि 26 अप्रैल को थाना कोतवाली पर परिवादी इमरान पुत्र मुस्तकीम अहमद निवासी शबाना मंजिल के पास कर्बला लाडपुरा थाना कोतवाली कोटा शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 अप्रैल को मेरा बच्चा अबीर अंसारी उम्र डेढ़ वर्ष समय करीब 5.30 बजे गायब था जिस को तलाश किया तो बच्चा मम्मी वाले मकान की छत पर रखी पानी से भरी हुई टंकी में मिला. अस्पताल लेकर गए जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया.
उसके बाद बच्चे को कब्रिस्तान में दफनाया था. परिवार में बातचीत करने पर पता चला कि जिस पानी की टंकी में बालक अबीर मिला था उस टंकी का ढक्कन लगा हुआ था. अबीर अंसारी की हत्या की गई है. उक्त रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज किया गया. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मृतक बालक अबीर के परिजनों की सहमति के आधार पर कब्रिस्तान नयापुरा में बालक को कब्र से निकालकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया.
क्या था मामला
जांच से सामने आया कि परिवादी इमरान कि उसके पिता के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति नगर निगम कोटा में लगी थी. उस समय इमरान के सभी भाइयों ने इमरान के लिए नौकरी की सहमति दी थी, परंतु जिसान अहमद स्वयं नौकरी पर लगना चाहता था. इमरान के सभी परिजनों ने इमरान को नौकरी पर लगाने के लिए जीशान अहमद को उस समय राजी कर लिया था. यह कहा था कि इमरान भविष्य में जीशान को आर्थिक मदद कर देगा लेकिन इमरान ने नौकरी लगने के बाद भी जीशान की कोई आर्थिक मदद नहीं की.
पहले भी खंरोच चुकी है
इसकी वजह से जीशान की पत्नी सोबिया इमरान के लिए कहती थी कि इमरान मेरे पति की नौकरी हजम कर गया और यही अबीर की हत्या की वहज बनी. कुछ महीने पूर्व भी सोबिया ने बच्चे अबीर के चेहरे पर खरोच के निशान कर दिए थे जिसपर समस्त परिवार जन ने सोबिया को फटकारा था. थाना रामपुरा कोतवाली में सोबिया के विरुद्ध धारा 302, 120 बी 34 भारतीय दंड संहिता प्रमाणित पाए जाने पर 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया गया. आगे की कार्रवाई की जा रही है.
Source: IOCL


























