अब 15 मिनट में मिलेगी कोरोना जांच की रिपोर्ट, जोधपुर शहर मैं तैयार हो रही खास तकनीक की मशीन
जोधपुर की कंपनी ने अमेरिका की कंपनी के साथ मिलकर एक डिवाइस बनाया है जो 15 मिनट में ही ये पता लगा लेगी कि आपको कोरोना है या नहीं, इस मशीन से दो अन्य बिमारियों का भी पता लगाया जा सकेगा.

Rajasthan News: दुनियाभर में मैन्युफैक्चरिंग के फील्ड में चीन सबसे आगे था लेकिन कोरोना के बाद भारत ने अपनी जगह बना ली है. खासतौर से मैन्युफैक्चरिंग के साथ एक्यूरेसी की गुणवत्ता को लेकर भी देश में काम को बढ़ावा मिल रहा है. राजस्थान के जोधपुर शहर मैं तैयार हो रही खास तकनीक की मशीन विदेशों में भेजी जा रही है. मेक इन इंडिया का सपन साकार होतो नजर आ रहा है.
कोविड-19 के सैंपल की रिपोर्ट के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में जोधपुर के जौहरी डिजिटल कंपनी ने अमेरिका की कंपनी के साथ मिलकर एक ऐसी डिवाइस बनाई है जिसमें कोरोना की रिपोर्ट मात्र 15 मिनट में मिल जाएगी. इस रिपोर्ट के साथ दो अन्य बीमारियां भी मलेरिया व सिकल सेल एक्यूरेसी रिपोर्ट देने वाले उकरण बनाकर अमेरिका भेजे गए थे.
अमेरिका की कई लैब में जांच के बाद जोहरी डिजिटल को मैन्युफैक्चरिंग के लिए चुना गया है. अमेरिका के पोलैंड की हेमेक्स कंपनी ने जौहरी डिजिटल कंपनी के साथ डिवाइस उत्पादन के लिए एमओयू साइन किया है. जौहरी डिजीटल की सीईओ निशा जीही अमेरिकी लैब से एमओयू साइन करके जोधपुर लौटी हैं. उन्होंने बताया कि यह हाई टेक्नोलॉजी है और चीन भी बना सकता था, लेकिन इसे कम कीमत में तैयार करना सबसे बड़ा चैलेंज है ताकि ज्यादातर लैब तक यह डिवाइस पहुंचाया जा सके. मीटिंग में इन चैलेंज पर डिस्कस करने के बाद हमें इसके प्रोडक्शन का जिम्मा सौंपा गया.
डिवाइस गेल (Gazelle) को टेबल पर भी रख सकते हैं. यह डिवाइस डाइग्नोस्टिक लैब के लिए बनाया जा रहा है. यह डिवाइस कोविड, मलेरिया और बच्चों में तेजी से फैल रही सिकल सेल का पता लगा लेगा. इस मशीन के कैफेट में सेंपल डालो और 15 मिनट में रिजल्ट मिल जाएगा. प्रोडक्शन कर रही जौहरी डिजीटल की सीईओ निशा जौहरी ने बताया कि दो महीने में यहां मशीन बाजार में उपलब्ध हो जाएगी.
भारत और अफ्रीका सहित दुनिया के ट्राइबल एरिया में बच्चों में सिकल सेल एनीमिया तेजी से फैल रहा है. इस बीमारी में बच्चों के खून में सीकल सेल हो जाते हैं. दुनिया की जनसंख्या का 5% इस बीमारी से प्रभावित हो रहा है. हर साल 3 लाख बच्चे इस बीमारी से प्रभावित हैं और हजारों बच्चों की जान जा नहीं है. अधिकतर बीमारियां ट्राईबल और रूरल एरिया से शहरों में फैल जाती है. इसलिए इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह बीमारी भी धीरे-धार शहरों की ओर रुख नहीं करेगी. सैंपल की जांच रिपोर्ट जल्द मिलने से इलाज भी तुरंत शुरू हो सकेगा और बच्चों की जान बचाई जा सकेगी. आपको बता दें कि जोहरी डिजिटल ग्लोबल इंडस्ट्रीज में बेहतरीन कंपनियों में शामिल है.
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Source: IOCL




























