राघव चड्ढा बोले, 'पेपर लीक कैंसर है, छात्रों का गुस्सा...'
Raghav Chadha on Paper Leak: बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि छात्रों का गुस्सा जायज है. जब छात्रों ने अपनी चिंता और दर्द को जाहिर किया तो प्रधानमंत्री ने तमाम एक्शन लिए.

राज्यसभा में बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान अपनी बात रखी. उन्होंने कहा किर पेपर लीक जैसी सीरियस बीमारी का परमानेंट इलाज करना होगा. उन्होंने कैंसर से इसकी तुलना करते हुए कहा कि जैसे कैंसर का इलाज क्रोसिन खिलाकर नहीं किया जा सकता वैसे ही पेपर लीक जैसी प्रॉबल्म का इलाज मीडिया साउंट बाइट से नहीं बल्कि इंस्टीट्यूशनल सॉल्यूशन से होगा जो आज हमारी सरकार इस बिल के माध्यम से करने जा रही है.
छात्रों का गुस्सा जायज है- चड्ढा
राघव चड्ढा ने कहा, "नीट के स्टूडेंट्स से कहना चाहूंगा कि आपका गुस्सा जायज है. आपका दर्द असली है. आपको एग्जाम सिस्टम से जो शिकायत है वो भी असली है. जब आपने अपनी चिंता व्यक्त की, अपना दर्द बताया तो प्रधानमंत्री ने परिवार के मुखिया की तरह उसको सुना. छात्रों ने मांग की, सरकार ने कदम उठाए. ऐतिहासिक फैसले लिए गए और सिस्टम बदल गया. जब एक स्टूडेंट नीट जैसे एग्जाम की तैयारी करता है तब तो अकेला तैयारी नहीं करता बल्कि उसका पूरा परिवार तैयारी करता है. मां घर का बजट कम करती है. पिता फैमिली सेविंग को कोचिंग और रेंट पर खर्च करता है. फैमिली को लोन तक लेना पड़ता है."
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पीएम ने चिंता को समझते हुए तमान एक्शन लिए- चड्ढा
बीजेपी सांसद ने कहा, "जिस उम्मीद के साथ स्टूडेंट्स ने अपनी मांग पीएम के सामने रखी, उस चिंता को, उस दर्द को समझते हुए तमाम एक्शन लिए गए. पेपर लीक के बाद तुरंत री-एग्जाम कराया गया ताकि साल बर्बाद ना हो. जांच सीबीआई को सौंपी. एसआईटी का गठन हुआ. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम जिसने 13 लोग मेन किंगपिन समेत गिरफ्तार किए. मात्र 75 दिन में चार्जशीट भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में दर्ज करा दी गई. जांच को महीनों सालों लटकाया नहीं. 47 नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के ऑफिसर्स को शंट आउट किया गया."
VIDEO | Delhi: "Paper leaks cannot be addressed through media soundbites but require an institutional solution, which govt is bringing through the Bill," says BJP MP Raghav Chadha in Rajya Sabha during debate on anti-paper leak Bill.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
(Source: Sansad TV) pic.twitter.com/jackRKi73M
मारे एजुकेशन मिनिस्टर ने इस्तीफा तक दिया- चड्ढा
इसके आगे उन्होंने कहा कि नैतिक आधार पर हमारे एजुकेशन मिनिस्टर ने इस्तीफा तक दिया और स्टूडेंट प्रोटेस्टर्स के खिलाफ जो केसेस थे उन्हें वापस लिया गया. एग्जाम सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स को मजबूत किया जा रहा है और अगली बार से ये नीट का पेपर ओएमआर शीट से नहीं बल्कि फुल कंप्यूटर बेस्ड टेस्टिंग से कराया जाएगा. इसी के साथ-साथ सरकार ने एक हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया है जिसमें नंदन नीलकनी साहब को समिति में डाला गया है.
पेपर लीक करने का सोचेगा तो रूह कांप जाएगी- चड्ढा
राघव चड्ढा ने एंटी पेपर लीक बिल के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधी के मन में खौफ पैदा करने के लिए एक ऐसा कानून लेकर सरकार लेकर आई है, जिसके पास होने के बाद कोई अपराधी सपने में भी यदि पेपर लीक करने का सोचेगा तो उसकी रूह कांप जाएगी. पेपर लीक को एक इंडिविजुअल द्वारा किया गया क्राइम नहीं बल्कि एक ऑर्गेनाइज्ड सिंडिकेट नेटवर्क द्वारा किए गए क्राइम के तौर पर ट्रीट किया जाएगा. इंसाइडर हो, कोचिंग माफिया हो, लॉजिस्टिक वेंडर हो, प्रिंटिंग प्रेस हो, सॉल्वर गैंग हो, एग्जाम ऑफिशियल्स हो, सब पर कारवाई होगी. सबको दोषी करार देने के बाद 10 साल तक की जेल होगी और ₹1 करोड़ तक का जुर्माना लिया जाएगा.















