पंजाब कांग्रेस में चन्नी गुट को झटका, राजा वडिंग बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष, कार्यकारी प्रधानों को मिली नई जिम्मेदारी
Punjab Politics: सूत्रों के मताबिक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे. इससे चन्नी गुट को झटका लग सकता है, जो वडिंग को पार्टी का प्रदेश प्रमुख बनाए से खुश नहीं हैं.

- पंजाब कांग्रेस कलह पर हाईकमान: वडिंग प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे.
- भूपेश बघेल की बैठक से चन्नी गुट के नेता नदारद.
- फिलहाल संगठनात्मक ढाँचे में बदलाव नहीं, नई जिम्मेदारियां तय.
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के बीच अंदरूनी कलह चर्चा का विषय बनी हुई है. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बीच की गुटबाजी से कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी हो गई है. इसे सुलझाने के लिए पंजाब कांग्रेस मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल चंडीगढ़ दौरे पर हैं.
इस बीच कांग्रेस हाईकमान ने अपना आखिरी फैसला सुना दिया है. सूत्रों के मताबिक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे. इससे चन्नी गुट को झटका लग सकता है, जो वडिंग को पार्टी का प्रदेश प्रमुख बनाए से खुश नहीं हैं. चन्नी के समर्थकों ने शुक्रवार (3 जुलाई) को सार्वजनिक रूप से मांग की थी कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद से राजा वडिंग को हटाया जाए.
बघेल की बैठक से गायब रहे कई नेता
दरअसल, भूपेश बघेल मंगलवार को पार्टी के विभिन्न नेताओं के साथ बैठक की और जानने का प्रयास किया कि आखिर दिक्कत कहां है औ क्यों है. यह बैठक उन्होंने कांग्रेस भवन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, कार्यकारी अध्यक्षों राज कुमार वेरका और सुखविंदर सिंह डेनी समेत जिला प्रधानों के साथ की थी. इस बैठक में चन्नी और रंधावा के अलावा, कई अन्य नेता भी शामिल नहीं हुए. हालांकि, वेरका ने बैठक में शामिल होने से पहले चन्नी से मुलाकात की थी.
नहीं होगा राज्य के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव
एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि फिलहाल चुनाव पास होने के कारण प्रदेश के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव नहीं किया जा रहा क्योंकि इसका प्रभाव अन्य राज्यों पर भी हो सकता है. इसी कारण यह तय किया गया है कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे.
बता दें कि कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल इस समय 5 दिन के दौरे पर हैं और आने वाले एक दिनों में भी बघेल पार्टी के अन्य नेताओं के साथ बैठकें करेंगे और अंदरूनी कलह को खत्म करने के प्रयास करेंगे. हालांकि, जिस तरह से चन्नी और अन्य नेता बैठक से दूरी बना रहे हैं उससे लगता है कि कांग्रेस के लिए गुटबाजी को खत्म करना आसान नहीं रहने वाला.
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा- सब ठीक है
इस बीच बघेल के साथ बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बैठक में हिस्सा न लेने वाले नेताओं पर सफाई दी, उन्होंने कहा कि पार्टी में सब ठीक है. आज हम वर्किंग कमेटी पर ध्यान दे रहे हैं. जो बैठक हुई है उसमें तीन-चार जिला अध्यक्ष बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि वो अमरनाथ यात्रा पर गए हैं. आप उन्हें फोन करके पूछ सकते हैं. जिस तरह से यह बैठक हुई है, उसमें कम से कम एक या दो लोग शामिल नहीं हो पाए होंगे.
बता दें कि वर्तमान में राजिंदर बेरी और संजय तलवाड़ ने अमरनाथ यात्रा अमरनाथ यात्रा पर हैं. वडिंग ने आगे कहा कि लोगों को मसालेदार खबरें चाहिए, लेकिन मैं ऐसा कुछ नहीं दे सकता क्योंकि कहने के लिए कुछ खास नहीं है. सभी नेता एकजुटता दिखाते हुए एक साथ मीडिया को संबोधित करेंगे और पंजाब कांग्रेस के सभी नेता एक ही मंच पर होंगे.
पंजाब कांग्रेस के तीनों कार्यकारी प्रधानों को मिली नई जिम्मेदारी
इसके अलावा बघेल के बैठक के दौरान तीनों कार्यकारी प्रधानों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.इसके तहत कार्यकारी प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी को पंजाब कांग्रेस के सह प्रभारी सूरज ठाकुर के साथ समन्वय के साथ काम करना होगा. डैनी इसके अलावा 42 जिलों की जिम्मेदारी का कार्यभार भी देखेंगे. कार्यकारी प्रधान संगत सिंह को रविंद्र दलवी के साथ समन्वय में काम करना होगा और उन्हें 45 जिलों का प्रभार सौंपा गया है. वहीं, कार्यकारी प्रधान राज कुमार वेरका को हीना कवाडे के साथ विधानसभा क्षेत्रों में समन्वय के साथ काम करना होगा. वेरका को 30 जिलों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.

























