पंजाब में मिल रहा कैशलेस इलाज
पिछले दो वर्षों में पंजाब में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार देखा गया है. मान सरकार लोगों को इलाज और शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

पंजाब में पिछले दो साल में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं. पंजाब नें इसका बड़े पैमाने पर असर दिख रहा है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का मानना है कि पंजाब के सरकारी खजाने में जमा हर एक पैसा जनता है. इसलिए इस पैसे का खर्च पंजाब की तरक्की और जनकल्याण पर हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है.
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पंजाब में बीते दो साल में अस्पतालों की हालत बदल चुकी है. अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खूब काम हुए हैं. पंजाब में लोगों को अस्पतालों में इलाज और दवाई की अच्छी सुविधा मिल रही है. इलाज और दवाई के लिए पैसा ना देना पड़े इसके लिए बीमा योजना भी चलाई जा रही है.
कैशलेस इलाज की सुविधा
पंजाब में मान सरकार जनकल्याण का ध्यान रखते हुए हर किसी को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रही है. इसी के तहत मान सरकार द्वारा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज कराने की सुविधा दी जा रही है. इस योजना के तहत कैशलेस ट्रीटमेंट, डे केयर प्रोसीजर कवर सहित अन्य सुविधाएं मिल रही हैं.
2,227 करोड़ रुपये का खर्च
पंजाब में लोगों को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए 207 सार्वजनिक और 506 निजी अस्पतालों को बीमा योजना से लैस किया गया है. इन अस्पतालों में जरूरतमंदों के इलाज पर 2,227 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. मौजूदा वित्त वर्ष में कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए 553 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.
ई- कार्ड से आसान हुआ इलाज
इस योजना का लाभ उठाने के लिए एक ई- कार्ड या आयुष्मान कार्ड बनवाना होता है. यह कार्ड ऑनलाइन बनाया जा रहा है. कार्ड को बनवाना बेहद आसान है, इसे आप घर बैठे ऑनलाइन भी बनवा सकते हैं. इस योजना के तहत पंजाब में 35.59 लाख से अधिक ई-कार्ड बनाए गए हैं. पंजाब में मुख्यमंत्री सरबत सेहत योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इलाज का बड़ा जरिया बन रही है. इससे लोगों को लाभ मिल रहा. जनहित की दिशा में यह योजना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है.
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