परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: 22 दिन बाद खत्म हुआ विरोध, आज होगा पोस्टमार्टम
पंजाब में ड्रग एक्टिविस्ट परिविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में मामले में उनके परिवार 22 दिनों के बाद गुरुवार को धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया. इसको लेकर सरकार के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक हुई थी.

पंजाब के मानसा में बीते दिनों हुए ड्रग एक्टिविस्ट परिविंदर सिंह झोटा हत्याकांड मामले को लेकर चल रहा प्रदर्शन अब खत्म हो गया है. ये धरना-प्रदर्शन पंजाब सरकार के साथ हुए एक समझौते के बाद गुरुवार को खत्म हुआ है. इस समझौते के साथ ही 22 दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है.
आज शुक्रवार (6 नवंबर) को 9 बजे के बाद झोटा के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. मानसा के सिविल अस्पताल के डॉ. रंजीत राय ने भी इसपर जानकारी साझा की है. पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाएगा.
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आज सुबह 9 बजे के बाद होगा पोस्टमार्टम
डॉ. रंजीत राय ने मीडिया से बातचीत में कहा, "पुलिस के अनुरोध पर, शव को पोस्टमार्टम के लिए PGI भेजा गया है. पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद, पुलिस विभाग जरूरी कानूनी कार्रवाई करेगा. आमतौर पर, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया सूर्योदय के बाद शुरू होती है. पोस्टमार्टम सुबह 9:00 बजे के बाद किया जाता है. कल सुबह 9:00 बजे के बाद, कागजी कार्रवाई पूरी होने पर, वहां के डॉक्टर पोस्टमार्टम करेंगे."
कैसे हुआ आंदोलन खत्म?
दरअसल, झोटा के परिवार ने मानसा में पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान हुए समझौतों के बाद पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी है. इसमें मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराए जाने के अलावा झोटा परिवार को 2 करोड़ रुपए का मुआवजा देने और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है. साथ ही आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले क अन्य व्यक्ति (दलजीत सिंह) के परिवार को भी ₹50 लाख रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने के समझौते पर सरकार ने सहमती दी है. साथ ही आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को भी रिहा कर दिया गया है और मामले भी वापस लिए जा रहे हैं.
बता दें कि 13 अक्टूबर 2026 को झोटा की दिनदहाड़े एक मेडिकल स्टोर के अंदर गोली मारकर हत्या किये जाने के बाद से उनका परिवार आंदोलन कर रहा था. झोटा के परिवार की मांग उन अधिकारियों के खिलाफ एक्शन की भी थी, जिन्होंने लापरवाही बरती थी. पंजाब सरकार पहले ही इस मामले से संबंधित DSP हरजिंदर सिंह गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार को भी सस्पेंड कर चुकी है. वहीं, मामले की जांच CBI को पहले ही सौंप दी गई थी और CBI तेजी से इसपर काम कर रही है.
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक्शन, सब डिवीजन DSP और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड






















