Pahalgam Attack: 45 दिन के वीजा पर आई इस पाकिस्तानी महिला ने भारत में की शादी, अब बोलीं- 'रहम करें'
Pahalagam Terror Attack: पाकिस्तानी नागरिक समरीन ने भारत से लौटते समय अपनी पीड़ा जताते हुए कहा कि जो गलत करे उसे सजा मिले. उन्होंने अपील की कि जिनके रिश्तेदार भारत में हैं, उन्हें मिलने दिया जाए.

Kashmir Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया. इसके बाद पाकिस्तानी नागरिकों को वापस अपने देश की ओर रुख करना पड़ रहा है. इसी बीच पंजाब के अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तान लौटते समय वहां की नागरिक समरीन ने अपनी पीड़ा जाहिर की.
समरीन इस फैसले से खुश नहीं हैं. उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए न्यूज एजेंसी 'एएनआई' को बताया कि वह सितंबर में भारत आई थीं, 45 दिनों के वीजा पर. इस दौरान उन्होंने यहां विवाह कर लिया, लेकिन अभी तक उन्हें लॉन्ग टर्म वीजा नहीं मिल पाया. अब अचानक उन्हें देश छोड़ने के लिए कहा गया है. समरीन ने सवाल उठाया कि उनकी कोई गलती नहीं है, फिर भी उन्हें सजा दी जा रही है.
जो गलती करे उसे सजा मिले- समरीन
समरीन ने कहा, "मैंने यहां शादी की है. मेरा परिवार यहीं है. अचानक से यह आदेश आना कि देश छोड़ दो, बहुत पीड़ादायक है. प्यार और मोहब्बत तो रहनी चाहिए ना. दोनों देशों के बीच जो भी दीवारें हैं, वो नहीं होनी चाहिए. अगर कोई गलती है तो उसे मुद्दा बनाइए, लेकिन हम जैसे लोगों को तकलीफ क्यों?"
हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले पर भी समरीन ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "आतंकवादियों से सवाल पूछा जाना चाहिए. हमारी क्या गलती है? हम क्यों भुगतें? जिन लोगों के रिश्तेदार यहां हैं, उन्हें रुकने दिया जाना चाहिए, जो मजबूर हैं, उनकी तो सुनिए. जिन्होंने शादी की है, उन्हें सजा क्यों दी जा रही है?"
#WATCH | Punjab: Samreen, a Pakistani national returning to Pakistan via Attari Border, says, "I came here in September with a 45-day Visa. After that, I got married here. I have not got my long-term Visa yet, and now suddenly I have been asked to leave the country. The… pic.twitter.com/WjCMm1wymH
— ANI (@ANI) April 29, 2025
सुरक्षा कड़ी होनी चाहिए ताकि ऐसा कुछ न हो- समरीन
मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर कि धर्म के नाम पर जो लोग लड़ते हैं, उनके लिए क्या सजा होनी चाहिए, समरीन ने साफ कहा, "कानून में जो भी सजा लिखी है, वही मिलनी चाहिए. चाहे लड़ाई धर्म के नाम पर हो या किसी और वजह से, सख्ती होनी चाहिए. सुरक्षा ऐसी हो कि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत न कर सके. लेकिन, इसका खामियाजा हम जैसे निर्दोष लोगों को नहीं भुगतना चाहिए."
समरीन ने अपील की कि जिनके रिश्तेदार भारत में हैं, कम से कम उन्हें आने-जाने की अनुमति दी जाए. उन्होंने कहा, "बाकी लोगों को चाहे न अनुमति दें, लेकिन हम जैसे मजबूरों पर तो रहम करें."
Source: IOCL






















