अमेरिका का सपना दिखाकर रिश्तेदारों ने नरक में धकेला, कभी जंगलों में छिपकर सोया, कभी हथकड़ियों में रोया
Donkey Route Scam: पंजाब के एक नौजवान को उसके ही रिश्तेदारों ने एक फर्जी एजेंट के साथ मिलकर डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजने का झांसा दिया और एजेंट के साथ मिलकर 47 लाख रुपये ठग लिए.

पंजाब में अक्सर नौजवान उज्ज्वल भविष्य के सपने लेकर विदेश जाने की तैयारी करते हैं, लेकिन कई बार गलत एजेंटों के झांसे में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं. ऐसा ही एक मामला मोगा के गांव चक तारेवाला से सामने आया है. नौजवान को उसके ही रिश्तेदारों ने एक फर्जी एजेंट के साथ मिलकर डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजने का झांसा दिया और उससे 47 लाख रुपये ठग लिए.
अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचने के बाद युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जहां उसे एक साल तक जेल में रहना पड़ा. इसके बाद वह निराश होकर वापस अपने घर लौट आया. वापस आकर नौजवान के परिवार जब एजेंट और रिश्तेदार को मामला बताकर उनसे पैसे मांगे तो उन्होंने पैसे की बात को नहीं माना. परिवार ने कुछ वीडियो पैसे देते टाइम बनाकर रखा था, जिसको लेकर पीड़ित नौजवान के पिता ने पुलिस के पास पहुंचे.
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क्या है मामला?
पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने संबंधित एजेंट और दो रिश्तेदारों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. जानकारी देते हुए अमरजीत सिंह ने अपनी दर्द भरी कहानी बताते हुए कहा कि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अमेरिका जाने का फैसला लिया था. बेहतर जीवन और परिवार के सपनों को पूरा करने की उम्मीद में उन्होंने अपने चचेरे भाई के कहने पर विदेश जाने की योजना बनाई. इसी दौरान उनका संपर्क शाहकोट के रहने वाले दो रिश्तेदारों, काकू सिंह (जो पंजाब पुलिस में कर्मचारी है) और मंगल सिंहसे हुआ. दोनों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके पास एक भरोसेमंद एजेंट है, जो उन्हें अमेरिका भेज देगा और वहां काम में सेटल होने के बाद 47 लाख रुपये लेंगे.
अपने रिश्तेदार ने दिया धोखा
दोनों रिश्तेदारों ने जालंधर के एजेंट नगिंदर खुल्लर से अमरजीत सिंह की मुलाकात करवाई. उन्होंने यकीन दिलाया कि वह उन्हें कानूनी तरीके से अमेरिका भेजेगा कोई परेशानी नहीं आएंगे. एजेंट की योजना के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2024 को अमरजीत सिंह को विजिटर वीजा पर फ्लाइट के जरिए दिल्ली से तुर्की भेजा गया. यहां से उन्हें आगे अमेरिका भेजा जाना था, लेकिन तुर्की पहुंचने के बाद एजेंट ने हमे डंकी रूट पर काम करने वाले डंकर के हवाले कर दिया. वहां उनके साथ भारत के कई अन्य युवक भी मौजूद थे. सभी को एक होटल में करीब 15 दिनों तक रखा गया जहां पर न खाने दिया जाता था न कोई सुविधाएं 15 दिन एक होटल में बंद रखने के बाद बस के जरिए ग्रीस भेज दिया गया. ग्रीस से डंकर ने पहले तो सारे सामान छीन लिया फिर वहां से नरक भरी जिंदगी की शरुआत हुई.
कभी जंगर में रहा, कभी खतरनाक रास्तों से गुजरा
उन्होंने बताया 2 महीना जंगल में रहा जहां पर न खाना मिलता था न कुछ. खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ा कभी घने जंगलों में पैदल चलना पड़ा, कभी मोटरसाइकिल से सफर करना पड़ा, तो कभी नदियों को पार करना पड़ा. उन्होंने बताया उस दो महीना के दौरान हमारे साथ बहुत कुछ हुआ. हमे जान से मारने की धमकी देकर घर पर वीडियो कॉल करवाते थे, अपने फोन से फिर परिवार ने जब जितना पैसा मांगा भेजा करीब दो महीनों में 47 लाख रुपए भेज दिया. पैसा मिलने के बाद अमेरिका बॉर्डर तक पहुंचाकर सभी को अमेरिका बॉर्डर पार कराने की कोशिश की गई तो अमेरिकी पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया.
अमेरिका की जेल में बिताई नरक भरी जिंदगी
उन्होंने बताया कि एक साल तक जेल में बंद रखा गया. जहां पर कच्चा मांस खिलाया जाता था और ऐसी रूम में बिना कपड़े में रखा जाता थे. उन्होंने बताया कि ढेढ़ साल नरक भरी जिंदगी गुजारा. मुझे एक साल बाद परिवार के साथ संपर्क करवाया गया तब जाकर अमेरिका पुलिस ने कानूनी तरीके से इंडिया भेजा. उन्होंने बताया कि उनके 47 लाख रुपए रुपए डूबे और सपना भी टूटा. अमरजीत सिंह ने बताया कि कोई भी नौजवान इंडिया से बाहर न जाए इधर काम करके अपना गुजारा करे. उन्होंने मांग की कि एसे एजेंटों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.
एजेंट के चक्कर में बर्बाद हुआ परिवार
अमरजीत सिंह के पिता महिंदर सिंह ने बताया कि उनके साथ उनके ही रिश्तेदार ने धोखा किया. पहले एजेंट के साथ मिलकर बेटे को विदेश भेजने का भरोसा दिलाया गया और कहा गया कि कोई खर्च नहीं आएगा. बेटा अमेरिका पहुंचने के बाद 47 लाख रुपए लेंगे रिश्तेदार करके भरोसा कर लिया. बेटा बड़े सपने लेकर घर से निकला था, लेकिन गलत एजेंट के चक्कर में सब कुछ बर्बाद हो गया. परिवार ने जमीन और सोना बेचकर 47 लाख रुपये दिए. बेटा अमेरिका पहुंचने के दौरान पकड़ा गया और एक साल जेल में रहने के बाद घर वापस लौटा. पिता ने बताया कि उनका एक ही बेटा था, उम्मीद थी कि वह विदेश जाकर सेटल होगा और गरीबी दूर करेगा. इस घटना के सदमे में उनकी पत्नी बीमार हो गई. परिवार के पास न घर बचा और न जमीन.
उन्होंने बताया कि बेटा दो महीने पहले ही घर लौटा है और तब से घर में ही बंद रहता है. जब एजेंट को फोन किया गया तो उसने धमकाना शुरू कर दिया और जिम्मेदारी से साफ इनकार कर दिया. पिता ने बताया कि पैसा देते हुए एजेंट के कुछ वीडियो अपने पास रखे थे ,जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया तो फिर हमने मोगा के एसएसपी को शिकायत की. पैसे देने के वीडियो पुलिस को दिखाई जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पिता ने मांग की है कि ऐसे एजेंटों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह बर्बाद न हो.
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