एक्सप्लोरर

2 अप्रैल से शुरू होगा नया संवत्सर, चैत्र नवरात्रि में इस मुहूर्त में करें घट-स्थापना, जानिए क्या है मान्यता और महत्व

Chaitra Navratri 2022: जिन घरों में नवरात्रि पर घट-स्थापना होती है उनके लिए 2 अप्रैल, प्रतिपदा के दिन घट स्थापना करना चाहिए. कोई भी काम शुरू करने के लिहाज से नवरात्रि बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.

चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को नूतन वर्ष अर्थात नव संवत्सर प्रारम्भ होता है. 2079 नव संवत्सर आरम्भ हो रहा है. इसी दिन से नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. वहीं महाराष्ट्र में गुडी पडवा भी इसी दिन मनाया जाता है. साल के दो गुप्त और दो नवरात्रि में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है. कोई भी काम शुरू करने के लिहाज से नवरात्रि बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. नवरात्रि में नौ दिन माता की पूजा अर्चना की जाती है. 

जानिए पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से-
अश्विनी नवरात्र के बाद सबसे ज्यादा महत्व चैत्री नवरात्र का है. चैत्र नवरात्र इस बार 2 अप्रैल शनिवार से शुरू होगा और 10 अप्रैल रविवार तक रहेगा. नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में मां भगवती के नौ रूपों क्रमशः शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री देवी की पूजा की जाती है. जिन घरों में नवरात्रि पर घट-स्थापना होती है उनके लिए 2 अप्रैल, प्रतिपदा के दिन घट स्थापना करना चाहिए.

Budaun News: बदायूं में लाइनमैन का चालान करना पुलिस को पड़ा भारी, नाराज कर्मियों ने थाने पहुंचकर 12 अवैध कनेक्शन काटे

2 अप्रैल, प्रथम नवरात्र को देवी के शैलपुत्री रूप का पूजन किया जाता है.
3 अप्रैल, नवरात्र की द्वितीया तिथि को देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है.
4 अप्रैल, तृतीया तिथि को देवी दुर्गा के चन्द्रघंटा रूप की आराधना की जाती है.
5 अप्रैल, नवरात्र पर्व की चतुर्थी तिथि को मां भगवती के देवी कूष्मांडा स्वरूप की उपासना की जाती है.
6 अप्रैल, पंचमी तिथि को भगवान कार्तिकेय की माता स्कंदमाता की पूजा की जाती है.
7 अप्रैल, षष्ठी तिथि को मां कात्यायनी की पूजा की जाती है.
8 अप्रैल, नवरात्र पर्व की सप्तमी तिथि को मां कालरात्रि की पूजा का विधान है.
9 अप्रैल, अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा की जाती है. इस दिन कई लोग कन्या पूजन भी करते हैं.
10 अप्रैल नवरात्र पर्व की नवमी तिथि को देवी सिद्धदात्री स्वरूप का पूजन किया जाता है. सिद्धिदात्री की पूजा से नवरात्र में नवदुर्गा पूजा का अनुष्ठान पूर्ण हो जाता है.

क्या है मान्यता
सूर्य सिद्धान्त पर आधारित गणना के आधार पर उदया तिथि को ही नव संवत्सर की शुरुआत मानी जाती है. इसी कारण 2 अप्रैल 2022 दिन शनिवार को भारतीय संस्कृति का सर्वमान्य नववर्ष अर्थात नव संवत्सर 2079 की शुरुआत होगी. शास्त्र सम्मत ऐसी मान्यता है कि सृष्टि रचयिता परम पिता ब्रह्मा जी ने चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को ही सृष्टि की रचना की थी. इसी दिन ज्योतिष दिवस मनाया जाता है. अतः इसी को आधार मानकर काल गणना का सिद्धान्त चलता है. चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को जो दिन या वार पड़ता है वही उस संवत्सर का राजा होता है और सूर्य की मेष संक्रांति जिस दिन होती है उस दिन से संवत्सर के मंत्री पद का निर्धारण होता है. 

Delhi News: सीएम केजरीवाल के आवास पर हंगामा करने वालों के खिलाफ एक्शन, दिल्ली पुलिस ने 8 लोग गिरफ्तार किए

क्या होते हैं लाभ
इस नव संवत्सर में राजा का पद शनिदेव को एवं मंत्री का पद देव गुरु वृहस्पति को प्राप्त हो रहा है. यह संवत्सर साधारण और शुभ फलप्रदायक होगा. जनता और समाज में सौम्यता, स्थिरता बनी रहेगी, राजनीतिक दलों सहित समस्त संस्थाओं द्वारा किया गया कार्य-योजना जनता के हित में होगा. नल नामक इस संवत्सर के राजा शनिदेव हैं. अतः आम जन मानस के सहयोगी संवत्सर के रूप इस संवत्सर की गणना की जाएगी. शासन तंत्र अपना कार्य कर पाने में सफल होगा और धार्मिक क्रिया कलापों में सामान्य वृद्धि होगी.

करनपुरी गोस्वामी ABP NEWS की डिजिटल टीम के साथ बतौर रिपोर्टर जुड़े हुई हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल का अनुभव है और पिछले 10 सालों से वे एबीपी के साथ जुड़े हुए हैं. राजस्थान के जोधपुर संभाग से जुड़ी हर खबर पर इनकी नजर रहती है. इससे पहले करनपुरी इंडिया टीवी के साथ भी काम कर चुके हैं.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

छह साल बाद भारत-चीन सीमा व्यापार शुरू, पहला दल पहुंचा तकलाकोट
छह साल बाद भारत-चीन सीमा व्यापार शुरू, पहला दल पहुंचा तकलाकोट
जयपुर-दिल्ली रूट पर AI की नई फ्लाइट, पढ़ें अपने काम की खबर
जयपुर-दिल्ली रूट पर AI की नई फ्लाइट, पढ़ें अपने काम की खबर
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उठे सवाल, साक्षी महाराज ने क्या कहा?
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उठे सवाल, साक्षी महाराज ने क्या कहा?
तेज प्रताप को देख सम्राट चौधरी ने छोड़ दी VIP कुर्सी? पीछे जाकर बैठे
तेज प्रताप को देख सम्राट चौधरी ने छोड़ दी VIP कुर्सी? पीछे जाकर बैठे

वीडियोज

Kiara Advani ने Toxic Controversy पर तोड़ी चुप्पी, Yash की फिल्म का किया बचाव
Ramayana Trailer में Lord Vishnu कौन? Ranbir Kapoor, Mahesh Babu या Saurabh Raj Jain
Aaradhya Bachchan को था Ranbir Kapoor पर Crush, Aishwarya Rai ने बताया मजेदार किस्सा
Mannat:😱Vikrant की सुरक्षा की बड़ी जंग, अपनों के ही खिलाफ Mannat ने उठाया बड़ा कदम #sbs
Bollywood News: क्या राम गोपाल वर्मा और उर्मिला मातोंडकर ने गुप्त चुप तरीके से कर ली थी शादी? दिग्गज पत्रकार का दावा, चिरंजीवी ने कैसे खोला था राज? (01.08.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मनमर्जी नहीं होती आजादी…, अजीत डोभाल ने Zen-G को समझाया ‘सही मतलब’!
मनमर्जी नहीं होती आजादी…, अजीत डोभाल ने Zen-G को समझाया ‘सही मतलब’!
पवर्तारोही निर्मल पुर्जा की मौत, ब्रॉड पीक पर बर्फीले तूफान ने ली जान
पवर्तारोही निर्मल पुर्जा की मौत, ब्रॉड पीक पर बर्फीले तूफान ने ली जान
प्रधानमंत्री के वीडियो पर रोहिणी आचार्य, 'जरूर मोदी जी…'
प्रधानमंत्री के वीडियो पर रोहिणी आचार्य, 'जरूर मोदी जी…'
क्राइम-थ्रिलर से कॉमेडी तक, वीकेंड पर फ्री में देख डालिए प्राइम वीडियो की टॉप 7 सीरीज, देखिए लिस्ट
क्राइम-थ्रिलर से कॉमेडी तक, वीकेंड पर फ्री में देख डालिए प्राइम वीडियो की टॉप 7 सीरीज, देखिए लिस्ट
CWG: फाइनल में डरे हुए थे नीरज चोपड़ा, बताया क्यों नहीं जीत पाए गोल्ड मेडल
फाइनल में डरे हुए थे नीरज चोपड़ा, बताया क्यों नहीं जीत पाए गोल्ड मेडल
‘आतंकियों ने पूछे जाति और धर्म’, कुलगाम में गोली मारने से पहले की गई पहचान
‘आतंकियों ने पूछे जाति और धर्म’, कुलगाम में गोली मारने से पहले की गई पहचान
'वैचारिक छाप छोड़ने की जल्दी', हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष
'वैचारिक छाप छोड़ने की जल्दी', हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष
NDA में गए टीएमसी सांसद अब…, सौगत रॉय का बागी नेताओं को लेकर बड़ा दावा
NDA में गए टीएमसी सांसद अब…, सौगत रॉय का बागी नेताओं को लेकर बड़ा दावा
Embed widget