Maharashtra: उद्धव ठाकरे ने अफजल खान से की BJP की तुलना, कहा- 'उसने लोगों के घर तोड़े और वही काम...'
Maharashtra Politics: आज एमवीए की बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमें बिकाऊ नहीं लड़ाऊ सैनिक चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी को हराने के लिए गांव-गांव के लोगों को एकत्र होना पड़ेगा.

Maharashtra News: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने केंद्र की बीजेपी (BJP) सरकार पर आज जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार आज वही काम कर रही है जो सालों पहले हिंदुस्तान पर आक्रमण करने वाले अफजल खान ने किया था. उन्होंने कहा कि जिस तरह अफजल खान ने हिंदुस्तान पर आक्रमण करते हुए लोगों को अपने साथ लाने के लिए उनके घर-द्वार तोड़े, भगवान के मंदिरों को तहस-नहस किया. बीजेपी भी आज वही काम कर रही है.
'एमवीए की मजबूती के लिए पूरे राज्य में होगीं सभाएं'
मुंबई में बुधवार (15 मार्च) को महाविकास अघाड़ी की बैठक हुई. बैठक फैसला लिया गया कि एमवीए को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए 2 अप्रैल से जून महीने तक पूरे महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की बड़ी-बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी. इस बैठक में उद्धव ठाकरे, अजित पवार, अनिल देशमुख, अशोक चव्हाण जैसे बड़े नेता मौजूद रहे.
'मोदी मतलब भारत नहीं'
पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने इस बैठक कहा कि बीजेपी पूरे देश में यह तस्वीर बनाने की कोशिश कर रही है कि मोदी यानी भारत, मोदी का अपमान यानी भारत माता का अपमान. यदि ऐसा है तो भारत माता की जय बोलना छोड़ देना चाहिए और मोदी जिंदाबाद के नारे लगाने चाहिए. बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि जो पार्टी (बीजेपी) से नहीं जुड़ रहा उसे जेल भेजा जा रहा है.
'बिकाऊ नहीं लड़ाऊ सैनिक चाहिए'
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमें बिकाऊ नहीं लड़ाऊ सैनिक चाहिए. उन्होंने एमवीए नेताओं से सवाल किया किया क्या आप सबका मत है कि पूरे महाराष्ट्र में हम एक साथ लड़ें. उन्होंने कहा कि बीजेपी को हराने के लिए गांव-गांव के लोगों को एकत्र होना पड़ेगा.
कौन था अफजल खान
अफजल खान बीजापुर के सुल्तान आदिल शाह की हुकूमत का सैनिक था. आदिल शाह की मां शिवाजी महाराज की बढ़ती ताकत से परेशान थी, इसलिए अफजल खान को शिवाजी महाराज को खत्म करने की जिम्मेदारी दी गई थी. हालांकि, शिवाजी महाराज ने अफजल खान को मौत के घाट उतार दिया था. इतिहासकारों के मुताबिक, अफजल से मुकाबले के दौरान शिवाजी ने अपने हाथ में बघनखा पहन रखा था जिसकी मदद से उन्होंने अफजल खान का पेट चीर दिया था. इसके बाद शिवाजी महाराज के विश्वस्त संभाजी कावजी ने अफजल खान का सिर धड़ से अलग कर दिया था.
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Source: IOCL
























