'सुनेत्रा पवार को काबिलियत के आधार पर...', जल्दबाजी में डिप्टी CM बनाए जाने पर उद्धव गुट का तंज!
Maharashtra: शिवसेना UBT ने सामना के संपादकीय में सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाने पर BJP–NCP पर निशाना साधा. लेख में इसे 'बेहद घटिया राजनीति' करार देते हुए सुनेत्रा पवार की नियुक्ति पर सवाल उठाए गए.

महाराष्ट्र में इन दिनों बारामती प्लेन हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद से ही राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है. सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद के शपथ लेने के बाद से ही विपक्ष लगातार हमलावर है, खासकर शिवसेना यूबीटी.
शिवसेना UBT ने तो अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में BJP और NCP (अजित पवार गुट) पर तीखा हमला बोल दिया है. सामना के मुताबिक, यह शपथ समारोह जल्दबाजी और राजनीतिक साजिश का नतीजा है. लेख में अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस को इसके पीछे की मुख्य ताकत बताया गया है. UBT के माउथपीस ने मौजूदा राजनीतिक हालात को घटिया राजनीति बताया है.
शोक में था महाराष्ट्र, दिखाई गई जल्दबाजी- सामना
सामना के संपादकीय में कहा गया है कि डिप्टी CM शपथ समारोह महाराष्ट्र के राजनीतिक और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ है. आरोप लगाया गया कि अजित पवार के निधन के बाद राज्य शोक में था, लेकिन इसी दौरान सत्ता की जल्दबाजी दिखाई गई, UBT का कहना है कि यह फैसला संवेदनशीलता और परंपराओं की अनदेखी का उदाहरण है.
लेख में यह भी कहा गया कि BJP हिंदुत्व और संस्कृति की बात करती है, लेकिन व्यवहार में अपने ही रीति-रिवाजों का पालन नहीं करती. शोक काल में सत्ता प्रदर्शन को सामना ने “बेहद घटिया राजनीति” करार दिया है.
सुनेत्रा पवार की नियुक्ति पर सवाल
संपादकीय में सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं. सामना का कहना है कि यह पद उनकी व्यक्तिगत काबिलियत या राजनीतिक अनुभव के आधार पर नहीं दिया गया. लेख में तंज कसते हुए लिखा गया है कि यह नियुक्ति पूरी तरह सत्ता संतुलन और अंदरूनी जोड़तोड़ का परिणाम है. सामना के अनुसार, शरद पवार और सुप्रिया सुले की प्रतिक्रियाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि परिवार को भी इस शपथ की पूर्व जानकारी नहीं थी. इससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह और गहराता है.
NCP की स्थिति और फडणवीस का नियंत्रण
UBT के मुखपत्र ने NCP की मौजूदा हालत पर तीखी टिप्पणी की है. संपादकीय में कहा गया है कि पार्टी की “नाव का कैप्टन अब नहीं रहा” और फिलहाल इसे देवेंद्र फडणवीस नियंत्रित कर रहे हैं. सामना का आरोप है कि NCP अब स्वतंत्र राजनीतिक इकाई नहीं रह गई है.
लेख में यह भी कहा गया है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और दिशा को लेकर भ्रम है. खुले तौर पर यह संकेत दिया गया कि सत्ता में बने रहने के लिए समझौते किए जा रहे हैं, जिससे पार्टी की वैचारिक पहचान कमजोर हो रही है.
‘बेहद घटिया राजनीति’ का आरोप
संपादकीय के अंत में UBT ने मौजूदा राजनीतिक हालात को “बेहद घटिया राजनीति” बताया है. सामना का कहना है कि सत्ता की लालसा ने संवेदनशीलता, संस्कृति और नैतिकता को पीछे छोड़ दिया है. यह स्थिति महाराष्ट्र की राजनीति के लिए खतरनाक संकेत है.
UBT ने इशारों में कहा है कि आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर दिखेगा. सामना के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम केवल पद और नियंत्रण की लड़ाई है, जिसमें जनता और मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया है.























