UGC बिल के विरोध के बीच प्रियंका चतुर्वेदी का बड़ा बयान, 'जातिगत भेदभाव होता है लेकिन...'
New UGC Guidelines: यूजीसी बिल 2026 के विरोध के बीच शिवसेना यूबीटी की सांद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

यूजीसी बिल 2026 का विरोध हो रहा है. इस बीच उद्धव ठाकरे गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ये बात सही है कि जातीय भेदभाव होता है लेकिन अगर गाइडलाइंस में ही भेदभाव हो तो ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि एक तरह शोषण को खत्म करने के लिए और शोषण ला रहे हैं, ये सही नहीं है. उन्होंने मांग की जिस स्वरूप में ये गाइडलाइंस आई है उसे या तो वापस लिया जाए या इसमें बदलाव किए जाएं.
'एक तरफ को शोषित और दूसरी तरफ को शोषक मानना दुर्भाग्यपूर्ण'
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "हां, मैं मानती हूं कि काफी टाइम जातिगत भेदभाव होता है. उसपर गाइडलाइंस होती हैं. पर गाइडलाइंस में ही अगर भेदभाव हो कि आप एक तरफ को सोचें कि वही शोषित है और दूसरी तरफ को सोचें कि वो शोषक हैं, यानी ये जो जजमेंट है, ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है."
VIDEO | "New UGC guidelines should either be modified or removed," says Shiv Sena (UBT) MP Priyanka Chaturvedi (@priyankac19).
— Press Trust of India (@PTI_News) January 27, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/dv5TRAShcC)#Delhi pic.twitter.com/v6eCaxC4ws
'झूठा केस पता चलता है तो पेनाल्टी क्या होगी'
शिवसेना यूबीटी की सांसद ने आगे कहा, "मैं मानती हूं कि अगर सात केस एसी, एसटी, ओबीसी के होते हैं, हो सकता है कि जनरल केटेगरी का तीन हों, दो हों या एक हो जो जेनरल केटेगरी का होता है. कौन निर्धारित करेगा कि किस आधार पर जातिगत भेदभाव हो रहा है. दूसरा जो मेरा मानना है कि अगर कोई झूठा केस पता चलता है तो उसकी पेनाल्टी क्या होगी. एक छात्र के करियर की बात होती है...इस गाइडलाइन को वापस लेना बिल्कुल जरूरी है. पूरे देशभर में माहौल बना हुआ है. देशभर में यही मांग हो रही है."
प्रियंका चतुर्वेदी ने ये भी कहा, "मैं उम्मीद करती हूं कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री इस पर सोचेंगे कि ये फैसला किस आधार पर लिया गया. एजुकेशन मिनिस्टर से कहेंगे कि इसको जल्द से जल्द वापस लें या इसमें बदलाव करें."
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Source: IOCL



























