ब्लैक बॉक्स गायब और तेल की टंकी फुल! बारामती प्लेन हादसे पर रोहित पवार के बड़े सवाल
Rohit Pawar On Ajit Pawar Plane Crash: बारामती प्लेन हादसे में अजित पवार की मौत के बाद जांच पर नए सवाल खड़े हो गए हैं. रोहित पवार ने फुल फ्यूल, ब्लैक बॉक्स और अतिरिक्त ईंधन को लेकर गंभीर शंकाएं जताई है.

बारामती प्लेन हादसे में अजित पवार की मौत के बाद जांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है. शरद पवार गुट वाली एनसीपी के नेता रोहित पवार ने जांच प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि प्लेन में फुल फ्यूल भरने को ले कर भी शक जताया है.
रोहित पवार का कहना है कि जब प्लेन को ज्यादा दूरी तय करना नहीं था तो फिर फ्यूल टैंक भरवाने का क्या आशय है. इसके साथ ही उन्होंने प्लेन के ब्लैक बॉक्स को लेकर सवाल किए हैं और कहा है कि ये भी राजनीति से अलग नहीं हैं.
जांच पर रोहित पवार ने क्या सवाल उठाए?
रोहित पवार ने कहा कि हादसे को लेकर पहले जो शंकाएं उठाई गई थीं, वे अब सच साबित होती दिख रही हैं. उन्होंने कहा कि कई अहम बिंदुओं पर अब तक स्पष्ट जवाब नहीं मिला है. इससे पूरे मामले की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है.
उन्होंने क्रमवार कई दावों का जिक्र करते हुए कहा, "27 जनवरी को एक नेता मिलने आया था - यह बात सही निकली. किसी नेता की फाइल पर हस्ताक्षर करने थे, यह भी सच साबित हुआ. कई सवाल और शंकाएँ उठाई गईं, लेकिन अब तक एक भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला है."
VSR कंपनी और ब्लैक बॉक्स पर सवाल
रोहित पवार ने कहा कि उन्होंने खुद VSR कंपनी के विमान से यात्रा करने का प्रमाण पहले ही दिया था और वह सही निकला. इसके अलावा विमान के फ्यूल टैंक की वजह से बाद में विस्फोट होने की बात भी सामने आई है.
उन्होंने यह भी कहा कि विमान के ब्लैक बॉक्स को लेकर पहले ही दिल्ली में शंका जताई गई थी। उनका आरोप है कि ब्लैक बॉक्स राजनीति से सुरक्षित नहीं है और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इन तथ्यों के सामने आने के बाद हादसे को लेकर संदेह और गहराते जा रहे हैं.
अतिरिक्त ईंधन का मुद्दा
रोहित पवार ने अतिरिक्त ईंधन ले जाने के मुद्दे को भी गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि पिछली बार भी यह आशंका जताई गई थी कि विमान के पिछले हिस्से में अवैध रूप से ईंधन के अतिरिक्त कैन रखे गए थे. इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि अतिरिक्त ईंधन की वजह से ही विस्फोट ज्यादा तीव्र हुआ हो.
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विमान में सामान्य से अधिक ईंधन भरा गया था या अतिरिक्त कैन रखे गए थे, तो इसकी अनुमति किसने दी. अब इन सभी बिंदुओं को देखते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग तेज हो गई है.

























