Maharashtra Politics: अजीत पवार बोले- 'पृथ्वीराज चव्हाण के साथ मनमुटाव पैदा हुआ क्योंकि उन्हें राज्य की राजनीति का नहीं था कोई अनुभव'
Maharashtra: अजीत पवार ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार और पार्टी के कुछ अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को उनकी पार्टी शिवसेना में संभावित बगावत के बारे में आगाह किया था.

Ajit Pawar News: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजीत पवार (Ajit Pawar) ने शुक्रवार को कहा कि उनके और महाराष्ट्र (Maharashtra) के तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण (Prithviraj Chavan) के बीच कलह का कारण यह था कि उन्हें (चव्हाण को) राज्य की राजनीति का कोई अनुभव नहीं था. चव्हाण ने 2010 और 2014 के बीच कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था. पवार तब उपमुख्यमंत्री थे.
यहां लोकमत मीडिया समूह द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में एक साक्षात्कार के दौरान उनके और चव्हाण के बीच अनबन की बात के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि चव्हाण ने राज्य में एक विधायक के रूप में भी कभी काम नहीं किया क्योंकि वह ज्यादातर दिल्ली में रहते थे.
शरद पवार ने उद्धव ठाकरे को किया था आगाह- अजीत पवार
राकांपा नेता ने कहा, “पृथ्वीराज चव्हाण ने यहां विधायक के रूप में कभी काम नहीं किया. उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि सत्ता में लोगों से हमें किस तरह का व्यवहार मिला है. उन्हें राज्य मंत्रिमंडल का कोई अनुभव नहीं था.” पवार ने कहा, ‘‘ वह प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करते रहे थे और राज्य की राजनीति और दिल्ली की राजनीति में फर्क होता है.’’ पवार ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार और पार्टी के कुछ अन्य लोगों ने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को उनकी पार्टी शिवसेना में संभावित बगावत के बारे में आगाह किया था, लेकिन वह इसको लेकर आश्वस्त थे कि उनके विधायक ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे.
तत्कालीन कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में अविभाजित शिवसेना के विधायकों के एक गुट ने पिछले साल जून में ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिसके बाद महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार गिर गई थी. बाद में बागी विधायकों और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एकसाथ मिलकर शिंदे के नेतृत्व में सरकार बना ली थी.
शरद पवार ने ठाकरे को किया था फोन
राकांपा नेता अजीत पवार ने कहा, ‘‘ शरद पवार ने खुद ठाकरे को सूचित किया था. शरद पवार ने ठाकरे को फोन भी किया था और उन्हें इसके बारे में (शिवसेना में संभावित बगावत) बताया था. हालांकि, उद्धव ठाकरे ने कहा था कि उन्हें अपने विधायकों पर भरोसा है और उन्हें विश्वास है कि वे इस तरह का कदम नहीं उठाएंगे.’’























