Mumbai Manhole Death: 'वो कमाने वाले अकेले इंसान थे', मैनहोल में गिरकर असलम शेख की मौत पर बोला परिवार
Sakinaka Manhole Death: मुंबई के साकीनाका इलाके में 60 साल के असलम शेख की मौत के बाद परिवार ने मुआवजे की मांग की.

मुंबई के साकीनाका इलाके में असलम शेख नाम के शख्स की मैनहोल में गिरने से मौत हो गई. मृतक असलम के भाई की पत्नी शाहिस्ता ने कहा कि वो कमाने वाला अकेले इंसान थे. उसे मुआवजा मिले. सेफ्टी रूल को फॉलो नहीं किया जाता है. हमें मुआवजा चाहिये. वहीं इस घटना पर एडवोकेट पंकज मिश्रा ने मानवाधिकार आयोग में स्वतः संज्ञान लेने की याचिका दी है.
कई लोगों से एबीपी न्यूज़ ने बातचीत की. इसमें उन्होंने बताया कि यह लापरवाही बीएमसी के कर्मचारियों की जितनी है, उतनी ही उनपर नज़र रखने वाले जन प्रतिनिधियों की भी है. यहां कोई ध्यान नहीं दे रहा है. सब सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं. कोई मरता है तो मरे, हमें क्या करना है, जैसी स्थिति है.
BMC कमिश्नर ने वार्ड अधिकारी को किया सस्पेंड
ABP News ने जिस वार्ड अधिकारी धनाजी हर्लेकर से जवाबदेही के बारे में सवाल पूछे थे, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है. BMC कमिश्नर ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही असिस्टेंट इंजीनियर दीपक चौगुले, जूनियर इंजीनियर अभिजीत चौगुले और असिस्टेंट इंजीनियर (सीवरेज संचालन) उत्तम पाटील को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है.
सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट
वहीं, ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा. इसके साथ ही सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के भी आदेश दिए गए हैं, साथ ही, मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. बीएमसी की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा महापौर रितु तावडे ने की है.
संतुलन बिगड़ने के बाद खुले मैनहोल में गिर थे असलम शेख
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ठेकेदार की ओर से कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे. इसी दौरान असलम इसाक शेख मोबाइल पर बात करते हुए वहां से गुजर रहे थे. मैनहोल के पास मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उनका संतुलन बिगड़ गया और वे खुले मैनहोल में गिर गए. बीएमसी, मुंबई फायर ब्रिगेड और अन्य कर्मचारियों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित
इस घटना की विस्तृत जांच के लिए एडिशनल कमिश्नर (पश्चिम उपनगर) की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है. समिति में डिप्टी कमिश्नर (सामान्य प्रशासन), डिप्टी कमिश्नर (परिमंडल-7) और डिप्टी कमिश्नर (बुनियादी ढांचा) सदस्य होंगे. समिति को 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
मैनहोल पर काम के दौरान बैरिकेडिंग अनिवार्य करने के निर्देश
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बीएमसी ने मैनहोल पर काम के दौरान चारों ओर बैरिकेडिंग अनिवार्य करने के निर्देश दोबारा जारी किए हैं. साथ ही अगले 8 दिनों में मुंबई के सभी मैनहोल का 100 प्रतिशत सुरक्षा निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश सभी अतिरिक्त आयुक्तों, सातों परिमंडलों के उप आयुक्तों और 26 प्रशासनिक वार्डों के सहायक आयुक्तों को दिए गए हैं.
बीएमसी ने यह भी स्पष्ट किया कि मानसून पूर्व तैयारियों के तहत मार्च 2026 से ही सभी संबंधित विभागों को मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने के निर्देश जारी किए गए थे.
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