Mithi River Scam: डिनो मोरिया और अन्य से जुड़े मुंबई, कोच्चि और त्रिशूर समेत 18 ठिकानों पर ED की रेड, करोड़ों की संपत्ति सीज
Mithi River Scam News: मुंबई की मीठी नदी घोटाला मामले में अब तक की जांच को लेकर ईडी का कहना है कि आरोपियों ने मिलकर एक कार्टेल बनाया. ताकि मीठी नदी की सफाई से संबंधित टेंडर गलत तरीके से हालिस करना संभव हो जाए.

Mithi River Scam Mumbai: मुंबई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने शनिवार को मीठी नदी सफाई घोटाले में बड़ी कार्रवाई की. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले में मुंबई, कोच्चि और त्रिशूर में कुल 18 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई है.
ईडी ने लोगों और संस्थाओं के ठिकानों पर छापेमारी की उनमें प्रमुख रूप से प्रशांत रामगुडे (BMC इंजीनियर), भूपेंद्र पुरोहित (BMC कॉन्ट्रैक्टर), मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, जय जोशी (विर्गो स्पेशल्टीज़ प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर), केतन कदम (वोडर इंडिया एलएलपी से जुड़े) और सेंटिनो रोक्को मोरिया व डीनो मोरिया (केतन कदम के करीबी सहयोगी) शामिल हैं.
BMC को 65 करोड़ नुकसान पहुंचाने का आरोप
ईडी ने यह कार्रवाई मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत 13 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. आरोप है कि इन आरोपियों ने BMC को 65 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया.
कार्टेल बना फर्जी ठेकेदारों ने कमाया भारी मुनाफा
जांच में अब तक जो साक्ष्य सामने आए हैं, उनसे यह स्पष्ट होता है कि आरोपियों ने मिलकर एक कार्टेल बनाया ताकि मीठी नदी की सफाई से संबंधित बीएमसी के टेंडरों में अनियमित रूप से ठेके हासिल किए जा सकें. इससे कुछ गिने-चुने ठेकेदारों को एकाधिकार मिल गया और फर्जी दरों पर भुगतान कराकर भारी मुनाफा कमाया गया.
अवैध कमाई के पैसे को शेल कंपनियों के जरिए घुमाकर छिपाई गई, जिन्हें केतन कदम, भूपेंद्र पुरोहित, प्रशांत रामगुडे और अन्य ने मिलकर बनाया था.
फ्रीज की गई संपत्ति की कीमत 1.25 करोड़
ईडी की रेड में स छापेमारी में 7 लाख रुपये नकद, 22 बैंक खातों से संबंधित FDRs और 1 डीमैट अकाउंट फ्रीज किए गए हैं. कुल जब्ती और फ्रीज की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत 1.25 करोड़ रुपये से अधिक है.
डिजिटल डिवाइसेज बरामद
ईडी ने रेड के दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल डिवाइसेज और आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जो PMLA की आगे की जांच के लिए बेहद जरूरी माने जा रहे हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि इस मामले में जांच अभी भी जारी है.
क्या है मीठी नदी घोटाला?
मुंबई महानगर को जलभराव और बाढ़ से बचाने के लिए मीठी नदी से हर साल गाद निकालने के लिए ठेके छोड़े जाते हैं. इस काम में लगी एजेंसियों ने करोड़ों रुपये को घोटाला किया है. यह मामला कुछ महीनों से सुर्खियों में है. अब ईडी इस मामले की जांच में जुटी गई है.
Source: IOCL





















