महाराष्ट्र: लाडकी बहन योजना पर झटका! मंत्री संजय शिरसाट ने 1500 रुपये का जिक्र कर क्या कहा?
Ladki Bahin Yojana: मंत्री संजय शिरसाट ने साफ किया है कि 'लाडकी बहिन योजना' की मासिक सहायता 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये नहीं की जा सकती. इसकी वजह उन्होंने आर्थिक संकट बताई है.

Majhi Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में लाडकी बहन योजना लाभार्थियों को बड़ा झटका लग सकता है. शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) ने सोमवार को (5 मई) कहा कि राज्य सरकार ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि राज्य इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है, और ऐसे हालात में यह संभव नहीं है.
2024 विधानसभा चुनाव में किया था राशि बढ़ाने का वादा
शिरसाट का यह बयान महायुति सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला माना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान BJP, शिवसेना और अन्य सहयोगी दलों ने इस योजना के तहत सहायता राशि बढ़ाने का वादा किया था.
1,500 रुपये की वित्तीय मदद जारी रहेगी- शिरसाट
मंत्री शिरसाट ने कहा, “फिलहाल 1,500 रुपये की वित्तीय मदद तय है और इसे ही दिया जाएगा. यह बात सही है कि इस योजना की राशि 2,100 रुपये तक नहीं बढ़ाई जा सकती, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि योजना खत्म हो रही है या इसमें कटौती की जा रही है.”
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह योजना महायुति की चुनावी जीत में एक प्रमुख कारण थी और सरकार इसे हर हाल में जारी रखेगी. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार इस योजना को जारी रखने के लिए कर्ज भी ले सकती है. शिरसाट ने कहा, “लोग यह अफवाह फैला रहे हैं कि योजना बंद हो जाएगी या वित्तीय सहायता घटा दी जाएगी, लेकिन हम आश्वस्त करना चाहते हैं कि ‘लाडकी बहिन योजना’ पूरी तरह जारी रहेगी.”
यह पहला अवसर है जब राज्य सरकार के किसी मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि चुनावी वादा पूरा करने में वित्तीय बाधाएं हैं. इससे पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा था कि सरकार अपने सभी चुनावी वादों को निभाएगी और जनता को निराश नहीं करेगी.
गौरतलब है कि ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ के तहत राज्य की उन महिलाओं को जो निर्धारित वार्षिक आय सीमा के अंतर्गत आती हैं, हर महीने 1,500 रुपये की सहायता दी जाती है. चुनावों के दौरान यह वादा किया गया था कि यह राशि बढ़ाकर 2,100 रुपये की जाएगी.
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Source: IOCL






















