BMC Election 2026: आप की एंट्री किसे करेगी परेशान! गोवा, गुजरात का पैटर्न दोहराएंगे अरविंद केजरीवाल?
BMC Election 2026: आम आदमी पार्टी ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए बीएमसी चुनाव के लिए 227 सीटों में प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है. पुणे में आप पहले ही उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है.

महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका समेत 29 नगर निगमों के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने का फैसला कर लिया है. हाल ही में संपन्न हुए नगर परिषद् चुनावों में कुछ सीटें हासिल करने और कुछ पर अच्छी बढ़त बनाने के बाद aap के हौसले बुलंद हैं. माना जा रहा है कि इसी क्रम में आम आदमी पार्टी ने 227 सीटों में उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है. पुणे में भी aap ने 25 सीटों पर कैंडिडेट उतारे हैं. इस चुनाव में न सिर्फ राज्य इकाई बल्कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत तमाम बड़े नेता प्रचार करते नजर आएंगे.
अभी की स्थिति में बीएमसी में शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे की मौजूदगी मजबूती से है. इस चुनाव में भी बीएमसी पर कब्जा बरकरार रखने के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना यूबीटी के बीच अलायंस भी होगा. राज्यसभा सांसद संजय राउत ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की तस्वीर साझा करते हुए 23 दिसंबर को दोपहर यह ऐलान भी किया.
उधर, भारतीय जनता पार्टी नीत शिवसेना, एनसीपी - अजित पवार की महायुति ने भी हालिया चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है. इन सबके बीच आम आदमी पार्टी के मैदान में उतरने के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इसका असर क्या होगा?
देर में aap ने मारी एंट्री!
इस संबंध में एबीपी न्यूज़ की वरिष्ठ पत्रकार नम्रता अरविंद दुबे ने कहा कि aap को अगर चुनाव में आना था तो उन्हें पहले उतरना चाहिए था. चूंकि वह इस चुनाव में देरी से एंट्री कर रहे हैं, इसलिए उन्हें इसका नुकसान हो सकता है. पहले से ही यहां सभी दल एक्टिव हैं. हालांकि दुबे ने यह भी कहा कि मुंबई का चुनाव हमेशा चौंकाता है. हो सकता है कि जनता aap को बतौर विकल्प चुने.
दुबे ने कहा कि मुंबई के कुछ इलाके हैं जहां आम आदमी पार्टी की लीडरशिप को खासा पसंद किया जाता है. ऐसे में aap भले न जीते लेकिन वह अपने लिए कोई न कोई बेहतर रास्ता जरूर तैयार कर सकती है.
यह पूछे जाने पर कि क्या महाराष्ट्र में भी गोवा, गुजरात और एमपी जैसा पैटर्न दिख सकता है, जहां aap की एंट्री से कांग्रेस और बीजेपी दोनों को नुकसान हुआ? दुबे ने कहा कि ऐसा यहां शायद ही देखने को मिले. यहां पार्टी से ज्यादा उम्मीदवार को देखा जाता है. कौन किस पार्टी से यह कम मायने रखता है. यह देखना ज्यादा दिलचस्प होगा कि 227 विभागों में aap टिकटों का वितरण कैसे करती है.
गोवा, गुजरात और एमपी में क्या हुआ था?
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने गोवा, गुजरात और एमपी के पंचायत, नगर निकाय और विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाकर कुछ सीटों पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों का खेल खराब कर चुकी है.
बीते दिनों संपन्न हुए गोवा जिला परिषद् चुनावों में aap ने 2 सीटें हासिल कीं. 2022 के विधानसभा चुनाव में भी aap को 2 सीटें मिलीं थीं. वहीं गुजरात में दिसंबर 2022 संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में aap तीसरे मोर्चे के रूप में उभरी.इसे 12.92% वोट मिले और वह पांच सीटों पर जीतने में कामयाब रही.
2022 में ही एमपी के निकाय चुनाव में पार्टी सिंगरौली में पांच सीटों समेत मेयर पद पर कब्जा जमाने में कामयाब हो गई थी. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आम आदमी पार्टी का बीएमसी चुनाव में क्या होगा?
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