IIT बॉम्बे कैंपस में विरोध प्रदर्शन जारी, छात्र के सुसाइड के बाद भड़के स्टूडेंट्स
छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है. फिलहाल कैंपस में अन्य छात्रों द्वारा अभी भी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.

मुंबई के पवई स्थित IIT Bombay में एक छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद शनिवार (19 सितंबर) को भी इसका असर पूरे कैंपस में देखने को मिला. घटना के विरोध में बड़ी संख्या में छात्रों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए आंदोलन किया, जिसके चलते IIT परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया.
सूत्रों से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, B.Tech का एक छात्र जिसका नाम साहिल वाकोडे बताया जा रहा है. वे परीक्षा के दौरान कथित तौर पर कॉपी करते हुए पकड़ा गया था. इसके बाद शिक्षकों ने छात्र को उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही थी. बताया जा रहा है कि इसके बाद छात्र हॉस्टल में चला गया. शाम के समय उसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली.
दिशा सालियान केस: पिता सतीश सालियान ने CBI को सौंपे सबूत, आदित्य ठाकरे को लेकर की ये मांग
अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र
अब छात्र की आत्महत्या के मामले में कुछ छात्र कैंपस में अभी भी आंदोलन पर बैठे है लेकिन उनको बाहर आने की अनुमति नहीं है ना ही हमे अंदर जाने दिया जा रहा है. छात्र की मौत की जानकारी सामने आने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी कैंपस में जुटने लगे. छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया.
फिलहाल परिसर में स्थिति को लेकर तनाव का माहौल बताया जा रहा है. घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है. आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह और परीक्षा में कथित नकल की घटना से इसका संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
IIT बॉम्बे ने क्या बताया?
IIT बॉम्बे के मुताबिक, मृतक साहिल ने क्वेश्चन पेपर ChatGPT पर अपलोड किया था. इस मामले में छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. पुलिस के मुताबिक, परीक्षा शाम 4 बजे खत्म हुई, जिसके बाद छात्र अपने कमरे में गया. शाम को वह अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला.
IIT बॉम्बे के मुताबिक, इस मामले में छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी. संबंधित शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र से बातचीत की, उसका काउंसलिंग किया और उसे भरोसा दिलाया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा.
इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया. हालांकि, देर शाम वह अपने कमरे में मृत अवस्था में पाया गया. छात्र के निधन पर IIT बॉम्बे ने गहरा दुख व्यक्त किया है. संस्थान की ओर से घटना से प्रभावित छात्र के दोस्तों, सहपाठियों, शिक्षकों और अन्य लोगों को आवश्यक मदद और सहयोग दिया जा रहा है. छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है.
IIT बॉम्बे में इस साल आत्महत्या का तीसरा मामला
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेजा गया है. 7 महीने में ये IIT बॉम्बे के कैंपस में सुसाइड का तीसरा मामला है. फरवरी 2026 में हॉस्टल-4 में सेकेंड ईयर के एक छात्र ने सुसाइड किया था. वहीं जुलाई 2026 में नया सेमेस्टर शुरू होते ही हॉस्टल-4 में 20 वर्षीय बी.टेक सेकेंड ईयर के छात्र ने जान दे दी थी.
इसके अलावा 18 सितंबर 2026 को पवई कैंपस में परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है. घटना के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने पास प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. बाद में निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों से मुलाकात की. IIT बॉम्बे में छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर (SWC) मौजूद है.
डीसीपी ने मामले पर दी यह जानकारी
DCP दत्तात्रेय नलवाडे ने IIT बॉम्बे के एक छात्र से जुड़े आत्महत्या मामले पर बताया, "IIT पवई में एक छात्र ने आत्महत्या की थी. उसके बाद IIT के कुछ छात्र एकत्रित हुए और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना शुरू किया.
उन्होंने बताया, "IIT प्रशासन द्वारा उनके साथ चर्चा करके सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है. यहां पर पुलिस द्वारा भी सभी इंतजाम किए गए हैं. आत्महत्या करने वाला छात्र द्वितीय वर्ष, बीटेक का है. इस मामले में पुलिस द्वारा अग्रिम जांच की जा रही है."
मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई, नायर अस्पताल कैंटीन समेत 14 के लाइसेंस सस्पेंड






















